हालांकि व्हाइट हाउस ने इस बात की जानकारी नहीं दी कि दोनों की मुलाकात किस स्थान पर होगी। ट्रंप की किम योंग चोल के साथ हुई मुलाकात के बाद व्हाइट हाउस ने दूसरे शिखर सम्मेलन की घोषणा की है। बता दें किम योंग चोल किम जोंग के करीबी माने जाते हैं और उत्तर कोरिया के वरिष्ठ वार्ताकार हैं। चोल गुरुवार को वाशिंगटन डीसी आए और शुक्रवार को उन्होंने ट्रंप से मुलाकात की। ट्रंप ने चोल से करीब डेढ़ घंटे तक परमाणु निरस्त्रीकरण और दूसरे सम्मेलन पर बातचीत की।
अपने शिष्ठ मंडल के साथ चोल ने संयुक्त राज्य अमेरिका के विशेष प्रतिनिधि स्टेफन बेगन और विदेश मंत्री माइक पोम्पियो से भी मुलाकत की। अमेरिका का कहना है कि वह उत्तर कोरिया पर तब तक दबाव बनाता रहेगा जब तक पूर्ण परमाणु निरस्त्रीकरण नहीं कर लेता।
व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव सारा सैंडर्स ने बताया कि उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग उन का दाहिना हाथ माने जाने वाले किम योंग चोल के साथ ट्रंप ने ओवल कार्यालय में बातचीत की। सैंडर्स ने कहा, "राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने किम योंग चोल के साथ परमाणु निरस्त्रीकरण और दूसरी शिखर वार्ता पर करीब डेढ़ घंटे बातचीत की। दूसरी शिखर वार्ता फरवरी अंत में होने वाली है।"
उन्होंने एक बयान में कहा, "राष्ट्रपति, किम के साथ बातचीत को लेकर उत्सुक हैं। इसके जगह और तारीख की बाद में घोषणा की जाएगी।" प्रेस सचिव ने पत्रकारों से कहा, "हम आगे बढ़ते रहेंगे, हम बातचीत जारी रखेंगे।"
उन्होंने कहा कि अमेरिका उत्तर कोरिया के पूरी तरह परमाणु निरस्त्रीकरण करने तक उसपर दबाव और प्रतिबंध बनाए रखना जारी रखेगा। सैंडर्स ने कहा, "बंधकों की रिहाई और अन्य कदमों से उत्तर कोरिया पर हमारा विश्वास बढ़ा है और इसलिए हम इस बातचीत जारी रखेंगे।"
बीते साल सिंगापुर में हुई ऐतिहासिक मुलाकात के बाद से ही किम जोंग कहते आए हैं कि उनकी सरकार परमाणु निरस्त्रीकरण के अपने वादे को पूरा करेगी। किम और ट्रंप के बीच बीते साल हुई मुलाकात से पहले रिश्ते बेहद खराब थे, लेकिन इस मुलाकात के बाद दोनों नेताओं के रिश्ते बेहतर होते गए।
चाहे फिर किम का ट्रंप को खत भेजना रहा हो या फिर ट्रंप द्वारा किम की तारीफ करना। जहां एक तरफ उत्तर कोरिया कह रहा है कि वह परमाणु निरस्त्रीकरण के लिए आवश्यक कदम उठा रहा है, वहीं दूसरी ओर अमेरिका का कहना है कि उत्तर कोरिया पूरी तरह से परमाणु निरस्त्रीकरण का अपना वादा नहीं निभा रहा है।