अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि उनका मानना है कि सीएनएन की रिपोर्ट गलत और पुराने दस्तावेजों पर आधारित है। इसके बाद रॉयटर्स ने कहा कि चीन की कम्युनिस्ट पार्टी ने मेडिकल विशेषज्ञों की एक टीम उत्तर कोरिया भेजी है ताकि किम की सेहत पर सलाह दी जा सके। हालांकि चीन के विदेश मंत्रालय ने इससे मना कर दिया और कहा कि हमने कोरोना वायरस की जांच के लिए रीजेंट्स (अभिकर्मक) भेजे हैं। एक बार फिर ट्रंप ने कहा उन्हें किम की सेहत की जानकारी है और वे इसके बारे में अभी बात नहीं कर सकते हैं।
कोरोना वायरस और सामाजिक दूरी
चीन ने कोरोना वायरस की जांच के लिए मेडिकल टीम भेजी थी जबकि उत्तर कोरिया का कहना है कि उसके देश में वायरस के संक्रमण का मामला नहीं है। जबकि देश में हजारों लोगों को क्वारंटीन (एकांतवास) किया गया है। दक्षिण कोरिया में अमेरिका के शीर्ष जनरल ने कहा कि उत्तर कोरिया में कोरोना के मामले हैं। सियोल स्थित जूंगआंग अखबार ने कहा कि उत्तर कोरिया के नेता सेल्फ क्वारंटीन में हैं। अखबार ने एक शख्स के हवाले से कहा कि किम के स्वास्थ्य की निगरानी की जा रही है। उनके एक बॉडीगार्ड की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। इसके कुछ दिन बाद खबर आई कि कोरिया ने एक स्थान पर तीन से ज्यादा लोगों के इकट्ठा होने पर रोक लगा दी है और सामाजिक दूरी के नियम जारी किए गए हैं।
सैन्य अभ्यास
संभावनाओं के बीच एक ट्रेन की सैटेलाइट तस्वीर सामने आई जो स्थानीय रेलवे स्टेशन पर खड़ी थी। वेबसाइट 38 ने इन तस्वीरों का विश्लेषण किया और कहा कि इस ट्रेन का इस्तेमाल उत्तर कोरिया के नेताओं द्वारा किया जाता है। यहां कई तरह की सैन्य गतिविधियां देखी गई। जिसमें मिसाइल परीक्षण और फाइटर जेट युद्धाभ्यास शामिल है। उत्तर कोरिया से भागे और अमेरिका में रह रहे शख्स री जोंग हो ने बताया कि किम सैन्य अभ्यास के दौरान घायल हो गए हैं।
दक्षिण कोरिया के सांसद यून सांग-ह्यून जो अंतर-कोरियाई संबंधों की समिति की अध्यक्षता करते हैं उन्होंने कहा कि किम ध्यान आकर्षित करने के लिए ये सब कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि उत्तर कोरिया के नेता कुछ हफ्तों में जनता के सामने आएंगे और सत्ता और संभावित उत्तराधिकारियों को लेकर जारी बहस खत्म कर देंगे। उन्होंने कहा, 'किम उस तरह से देश नहीं चला रहे हैं जैसा कि वह चलाते हैं।'
अचानक सामने आए किम
किम को लेकर जारी अटकलों के बीच दुनिया को कोई संतोषजनक स्पष्टीकरण नहीं मिला। लेकिन दो मई को वे अचानक लोगों के बीच नजर आए। उन्होंने राजधानी प्योंगयांग के पास सुचोन में एक फर्टिलाइजर कंपनी का उद्धघाटन किया। इससे पहले 2014 में भी किम छह हफ्तों के लिए गायब थे। जिसके बाद कई तरह की बातें होने लगी थीं। इसके बाद भी वे अचानक सभी के बीच आए और उनके गायब होने का कभी कोई कारण नहीं दिया गया।