उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग-उन ने अपनी सरकार को अमेरिका में जो बाइडन प्रशासन से संवाद और टकराव दोनों के लिए तैयार रहने को कहा है। देश के सरकारी मीडिया ने शुक्रवार को यह खबर दी।
कुछ दिन पहले ही अमेरिका और अन्य देशों ने उत्तर कोरिया से अपना परमाणु कार्यक्रम छोड़कर बातचीत का रास्ता फिर से अपनाने पर जोर दिया था। विशेषज्ञों के मुताबिक, किम का बयान बताता है कि वे अपने परमाणु हथियार के जखीरे को न सिर्फ आगे बढ़ाना चाहते हैं बल्कि अमेरिका पर उन नीतियों को छोड़ने का दबाव बनाना भी चाहते हैं जिसे उत्तर कोरिया शत्रुतापूर्ण नीति मानता है।
हालांकि किम वार्ता बहाली के लिए भी तैयार हैं। देश में चल रही सत्तारूढ़ पार्टी की बैठक में एक दिन पहले ही किम ने बाइडन के नेतृत्व में अमेरिकी नीतियों का विस्तार से विश्लेषण भी किया। इस दौान संवाद और टकराव के लिए तैयार रहने पर जोर देते हुए किम जोंग ने देश की प्रतिष्ठा की रक्षा और हितों की खातिर टकराव की स्थिति के लिए तैयार रहने का आदेश दिया।
सेना की ताकत बढ़ाने का दिया स्पष्ट निर्देश
बैठक के बाद कोरियन सेंट्रल न्यूज एजेंसी ने बताया कि किम जोंग-उन ने सेना की युद्ध क्षमता को बढ़ाने के स्पष्ट निर्देश दिए हैं। इस बैठक में वर्कर्स पार्टी ऑफ कोरिया के केंद्रीय सैन्य आयोग के सदस्यों के अलावा नॉर्थ कोरियन पीपुल्स आर्मी के कार्यकारी सदस्य भी शामिल हुए। इस बैठक में देश और दुनियाभर की रणनीतिक स्थिति से जुड़ी हालिया घटनाओं की चर्चा की गई।
बता दें कि उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग उन का स्वास्थ्य लंबे समय से प्रतिद्वंद्वी दक्षिण कोरिया में चर्चा का विषय रहा है वह अपनी 12 लाख जवानों वाली सेना व परमाणु मिसाइलों की ओट में रहते हैं, लेकिन ताजा तस्वीरों में वह काफी दुबले दिख रहे हैं। रिपोर्ट के अनुसार, उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन का वजन संभवत: 10 से 20 किलोग्राम कम हो गया है और इसी के साथ उनके स्वास्थ्य को लेकर अकसर लगने वाली अटकलों को फिर से हवा मिल गई है।