उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन ने चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग के साथ बातचीत के दौरान परमाणु निरस्त्रीकरण वार्ता में गतिरोध को लेकर चिंता व्यक्त की है।
उत्तर कोरिया की आधिकारिक संवाद समिति केसीएनए के अनुसार किम ने अमेरिका-उत्तर कोरिया के संबंधों में सुधार और परमाणु निरस्त्रीकरण वार्ता में पैदा हुए गतिरोध पर चिंता व्यक्त की।
केसीएनएक के अनुसार, किम ने कहा कि प्योंगयांग के वार्ता के जरिए शांतिपूर्ण समाधान तलाशने के मूल रुख में बदलाव नहीं आया है। मालूम हो कि चीन उत्तर कोरिया का मुख्य राजनयिक समर्थक और व्यापार का महत्वपूर्ण पार्टनर है।
केसीएनए के अनुसार, शी चिनफिंग ने कहा कि डीपीआरके(उत्तर कोरिया) द्वारा उठाई गई मांगें उचित है। वह इस बात से सहमत हैं कि डीपीआरके के न्यायसंगत हितों का उचित तरीके से समाधान होना चाहिए।
उसने बताया कि शी ने सुविधाजनक समय पर उत्तर कोरिया आने का किम का निमंत्रण स्वीकार कर लिया। यह 2012 में सत्ता के आने के बाद शी की उत्तर कोरिया की पहली यात्रा होगी लेकिन प्योंगयांग ने यह पहली बार नहीं कहा है कि शी ने उनका निमंत्रण स्वीकार किया है। उसने पिछले साल मार्च में किम के बीजिंग की यात्रा करने के बाद भी यही कहा था।