उत्तर कोरिया का तानाशाह किम जोंग उन
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उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग-उन ने अपनी कैबिनेट के प्रदर्शन पर नाराजगी जताते हुए एक माह पूर्व नियुक्त वरिष्ठ वित्त अधिकारी किम तु द्वितीय को सेवा से हटा दिया। किम जोंग ने आरोप लगाया कि संकट के दौर से गुजर रही देश की अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए इन अधिकारियों ने कोई नया विचार पेश नहीं किया।
बुरे दौर से गुजर रहा उ. कोरिया, एक माह पूर्व नियुक्त वित्त अधिकारी हटाए गए
सरकारी मीडिया केसीएनए के अनुसार, किम को उम्मीद थी कि परमाणु कार्यक्रमों को लेकर अमेरिकी प्रतिबंध हटाने की उनकी कूटनीति काम आएगी, लेकिन वह रुकी पड़ी है। वहीं कोविड-19 महामारी के कारण सीमाएं बंद होने और प्राकृतिक आपदा में फसल बर्बाद होने की वजह से उत्तर कोरिया की अर्थव्यवस्था और बेहाल हो गई है।
खबर के अनुसार, किम के नौ साल के कार्यकाल में यह सबसे मुश्किल दौर है। मौजूदा चुनौतियों के कारण किम को सार्वजनिक रूप से पूर्व की आर्थिक योजनाओं की असफलता को स्वीकार करना पड़ा है। किम ने बृहस्पतिवार की बैठक में कहा कि कैबिनेट अर्थव्यवस्था में जान डालने में नाकाम रही। वित्त अधिकारी किम तु द्वितीय की जगह अब ओ सु योंग को सेंट्रल कमेटी के आर्थिक मामलों के विभाग का नया निदेशक नियुक्त किया गया है।