संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में 2012 में एक सूडानी लड़के की कार हादसे में मौत के मामले में दोषी भारतीय नागरिक कृष्णन को मृत्युदंड से बचा लिया गया। उसे बचाने के लिए एनआरआई कारोबारी एमए यूसुफ अली ने एक करोड़ ‘ब्लड मनी’ दिया।
दरअसल, केरल के रहने वाले कृष्णन की कार की चपेट में आने से एक बच्चे की मौत हो गई थी। इस मामले में यूएई की सुप्रीम कोर्ट ने मौत की सजा का एलान किया था। घटना के बाद से ही कृष्णन के परिजन लगतार उसकी रिहाई का प्रयास कर रहे थे। इधर, मृतक बच्चे के परिजन घटना के बाद सूडान लौट गए इसलिए बातचीत का रास्ता बंद हो गया था।
उसके बाद कृष्णन के परिजनों ने लूलू ग्रुप के चेयरमैन से संपर्क किया और उनके प्रयासों से आखिरकार जनवरी, 2012 में पीड़ित परिवार से संपर्क किया गया और परिवार माफ करने के लिए राजी हो गया। उसके बाद यूसुफ अली ने 5 लाख दिरम (1 करोड़) का अदालत में भुगतान किया और कृष्णन की रिहाई सुनिश्चित की।
क्या है 'ब्लड मनी'
यूएई में ब्लड मनी को न्याय का तरीका माना जाता है। हत्या के मामले में पीड़ित परिवार को दिए जाने वाले मुआवजे की रकम को ब्लड मनी कहा जाता है। यह धनराशि हत्या करने वाला चुकाता है और बदले में पीड़ित परिवार उसकी सजा माफ कर देता है। यह रकम तभी दी जा सकती है जब पीड़ित पक्ष लेने के लिए तैयार हो।