रूस-यूक्रेन बीच चल रहे युद्ध का अभी कोई अंत नजर नहीं आ रहा है। अमेरिका समेत अन्य बड़े देशों द्वारा प्रतिबंध लगाए जाने के बावजूद भी रूस लगातार यूक्रेन पर हमले कर रहा है। इस बीच कजाखस्तान के उप विदेश मंत्री रोमन वासिलेंको ने कहा कि रूस-यूक्रेन संघर्ष पर भारत की स्थिति काफी संतुलित है। साथ ही उन्होंने कजाकिस्तान और भारत के बीच द्विपक्षीय संबंधों की सराहना की है।
रोमन वासिलेंको ने कहा कि भारत ने इस साल की शुरुआत से अंतरराष्ट्रीय मंचों पर अपने विचार पेश करते हुए रूस-यूक्रेन संघर्ष पर एक बहुत ही संतुलित स्थिति ली है साथ ही कहा कि समस्याओं को हल करने का सबसे अच्छा तरीका कूटनीति है जिसका भारत उपयोग कर रहा है।
कजाख मंत्री की रूस-यूक्रेन संघर्ष पर प्रतिक्रिया काफी मायने रखती है। संघर्ष को लेकर कई देशों की स्थिति में मतभेद देखा गया है वहीं भारत ने अपनी कूटनीति से संघर्ष पर संयुक्त राष्ट्र के कुछ प्रस्तावों से परहेज किया है।
द्विपक्षीय संबंधों पर कजाख मंत्री ने कहा कि कजाकिस्तान और भारत के बीच लंबे और ऐतिहासिक संबंध हैं। आगे कहा कि हाल के वर्षों में, हम अपने संबंधों में एक बहुत ही दिलचस्प विकास देख रहे हैं। कजाकिस्तान में भारतीय संस्कृति को लेकर काफी सराहनीय काम हुए हैं।
भारत और कजाकिस्तान के बीच भारत के साथ अपने संबंधों को कैसे मजबूत किया जाए उस पर उप विदेश मंत्री ने कहा कि देश की विदेश नीति में कोई बदलाव नहीं होगा। साथ ही कहा कि कजाकिस्तान की विदेश नीति का दृष्टिकोण नहीं बदलेगा और हम एक बहुपक्षीय मंच नीति विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
पिछले कुछ वर्षों में, भारत कजाकिस्तान सहित मध्य एशिया क्षेत्र के देशों के साथ सक्रिय रूप से जुड़ रहा है। इस साल की शुरुआत में, प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने 27 जनवरी को एक आभासी प्रारूप में कजाकिस्तान, किर्गिज गणराज्य, ताजिकिस्तान, तुर्कमेनिस्तान और उजबेकिस्तान के राष्ट्रपतियों की भागीदारी के साथ पहले भारत-मध्य एशिया शिखर सम्मेलन की मेजबानी की।
कजाकिस्तान के राष्ट्रपति कासिम-जोमार्ट टोकायव ने इस साल 20 नवंबर को राष्ट्रपति चुनाव की घोषणा की है। तोकायेव ने जल्दी राष्ट्रपति चुनाव का आह्वान किया और देश की राजधानी के पुराने नाम को वापस लाने की घोषणा की।