विश्व प्रवासी कश्मीरी पंडित (जीकेपीडी) और अन्य सामुदायिक संगठनों ने 1947 में पाक के कश्मीर पर हुए जिहादी हमले को याद करते हुए अमेरिका में पाकिस्तानी दूतावास के सामने विरोध प्रदर्शन किया और रैली निकाली। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने पाक अधिकृत कश्मीर (पीओके) को खाली कराने को लेकर भी पाक के खिलाफ नारेबाजी की।
विरोध प्रदर्शन के दौरान हाथों में पकड़े गए पोस्टरों में से एक पर लिखा था, पाकिस्तान ने कश्मीर पर कब्जा कर लिया है। कश्मीर भारत का एक एकीकृत हिस्सा है। एक अन्य पोस्टर में कहा गया है कि कश्मीर में 1947 का जिहादी हमला रातों रात नहीं हुआ, बल्कि इसे पाकिस्तान ने रणनीतिक रूप से योजनाबद्ध ढंग से अंजाम दिया था।
रैली के आयोजक और जीकेपीडी (वाशिंगटन) के समन्वयक डॉ. मोहन सप्रू ने कहा कि मास्क और शारीरिक दूरी का पालन करते हुए इस रैली के प्रदर्शनकारियों ने पाकिस्तान की 73 साल लंबी स्थायी नीति के चलते उन्हें होने वाली पीड़ा के खिलाफ आवाज उठाई और पाक नीति की निंदा की।
इतिहास का काला दिन है 22 अक्तूबर
यूरोपीय फाउंडेशन फॉर साउथ एशियन स्टडीज (ईएफएसएएस) ने हाल ही में 22 अक्तूबर को जम्मू-कश्मीर के इतिहास में सबसे काला दिन कहा है। इसी दिन पाकिस्तान ने कश्मीर के एक बड़े इलाके को अपने कब्जे में करने के लिए ऑपरेशन गुलमर्ग लांच किया गया था। एक यूरोपीय थिंक टैंक के अनुसार, इस दौरान हुए कबाइली हमले में 35,000 से 40,000 कश्मीरियों की मौत हुई थी।