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Pakistan: ‘कश्मीर विवाद अंतरराष्ट्रीय मुद्दा है’, पाकिस्तान बोला- दक्षिण एशिया की शांति के लिए समाधान जरूरी

Mon, 02 Sep 2024 12:47 AM IST
विशांत श्रीवास्तव वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद

सार

पाकिस्तान ने एक बार फिर कश्मीर का राग अलापा है। पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने कहा है कि कश्मीर एक अंतरराष्ट्रीय मुद्दा है इसलिए इसका हल संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों के तहत होना चाहिए। 
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मुमताज बलूच, पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता - फोटो : मुमताज बलूच, पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता
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विस्तार
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पाकिस्तान ने कहा कि कश्मीर विवाद एक अंतरराष्ट्रीय मुद्दा है जिसे संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों के मुताबिक हल किया जाना चाहिए।

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विदेश कार्यालय की प्रवक्ता मुमताज जहरा बलूच ने भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर की जम्मू-कश्मीर पर हालिया टिप्पणियों का जवाब देते हुए यह टिप्पणी कीजयशंकर ने शुक्रवार को कहा था “पाकिस्तान के साथ निर्बाध बातचीत का युग समाप्त हो गया है। कार्रवाई के परिणाम होते हैं और जहां तक जम्मू-कश्मीर का सवाल है, मुझे लगता है कि अनुच्छेद 370 खत्म हो चुका है। 

जयशंकर ने ये भी कहा था कि आज मुद्दा यह है कि हम पाकिस्तान के साथ किस तरह के रिश्तों पर विचार कर सकते हैं। चाहे घटनाएं सकारात्मक या नकारात्मक, हम किसी भी तरह से प्रतिक्रिया देंगे।
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इसके बाद रविवार को पाकिस्तान विदेश कार्यालय के प्रवक्ता बलूच ने कहा, जम्मू और कश्मीर विवाद एक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त विवाद है, जिसे संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों और कश्मीरी लोगों की इच्छाओं के अनुसार हल किया जाना चाहिए। इस अनसुलझे संघर्ष का समाधान दक्षिण एशिया में शांति और स्थिरता के लिए महत्वपूर्ण है।’

बलूच ने यह भी कहा कि जम्मू-कश्मीर का हल एक तरफा नहीं किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान कूटनीति और बातचीत के लिए प्रतिबद्ध है, लेकिन वह किसी भी शत्रुतापूर्ण कार्रवाई का संकल्प के साथ जवाब देगा।
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जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है
भारत ने पाकिस्तान से कई बार इस बात को दोहराया है कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख भारत का अभिन्न अंग था, है और हमेशा रहेगा। 5 अगस्त, 2019 को भारत द्वारा संविधान के अनुच्छेद 370 को निरस्त करने, जम्मू और कश्मीर की विशेष स्थिति को रद्द करने और राज्य को दो केंद्र शासित प्रदेशों में विभाजित करने के बाद दोनों देशों के बीच संबंध खराब हो गए।

भारत ने इस बात को दोहराता रहा है कि वह पाकिस्तान के साथ आतंक, शत्रुता और हिंसा मुक्त वातावरण में सामान्य पड़ोसी संबंधों की इच्छा रखता है।

 

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