दुनियाभर के देश यूक्रेन पर रूस के हमले के खिलाफ नजर आ रहे हैं। संयुक्त राष्ट्र महासभा में रूस के खिलाफ 141 देशों ने निंदा प्रस्ताव पारित किया है, जबकि 35 देश मतदान में शामिल नहीं हुए।
रूस-यूक्रेन जंग की सतही व्याख्या करने पर भारतवंशी अमेरिकी उपराष्ट्रपति कमला हैरिस सोशल मीडिया में ट्रोल हो गईं। हैरिस से एक रेडियो कार्यक्रम में कहा था कि वह इस जंग पर आम आदमी के शब्दों में क्या कहेंगी? जवाब में हैरिस ने ऐसी साधारण बातें कहीं, जिनसे वह सोशल मीडिया यूजर्स के निशाने पर आ गईं।
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दुनियाभर के देश यूक्रेन पर रूस के हमले के खिलाफ नजर आ रहे हैं। संयुक्त राष्ट्र महासभा में रूस के खिलाफ 141 देशों ने निंदा प्रस्ताव पारित किया है, जबकि 35 देश मतदान में शामिल नहीं हुए। इससे पहले संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में लाया गया निंदा प्रस्ताव विफल हो गया था।
यह कहा था कमला हैरिस ने
'मॉर्निंग हसल' नामक एक अमेरिकी रेडियो कार्यक्रम में अमेरिकी उपराष्ट्रपति से कहा गया था कि वह रूस-यूक्रेन संघर्ष को आम आदमी के शब्दों में समझाएं। इस पर हैरिस ने कहा था, 'यूक्रेन यूरोप में एक देश है। यह रूस नामक दूसरे देश के बगल में मौजूद है। रूस एक बड़ा देश है। रूस एक शक्तिशाली देश है। रूस ने यूक्रेन जैसे छोटे देश पर आक्रमण करने का फैसला किया। मूल रूप से यह गलत है और यह हर उस चीज के खिलाफ जाता है जिसके लिए हम खड़े हैं।'
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हैरिस के इस जवाब से कई लोगों ने असहमति जताई और उन्हें ट्रोल करना शुरू कर दिया और उनके जवाब की आलोचना की। एक ट्विटर यूजर बेन डोमेनश्च ने कमेंट किया, 'लगता है उपराष्ट्रपति मानती हैं कि हर आम अमेरिकी की उम्र चार साल है।' वहीं फॉक्स न्यूज के होस्ट टैमी ब्रूस ने कहा, 'मुझे लगा कि यह पैरोडी है'। कई अन्य सोशल मीडिया यूजर्स भी हैरिस की आलोचना करते दिखे।