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कमला हैरिस का भारत प्रेम: फिर याद किए बचपन के दिन, कहा- मां ने मुझे और बहन को विरासत का सम्मान करना सिखाया

Sun, 03 Nov 2024 08:36 AM IST
काव्या मिश्रा वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन

सार

हैरिस ने कहा कि 19 साल की उम्र में उनकी मां श्यामला हैरिस ने अकेले ही भारत से संयुक्त राज्य अमेरिका की यात्रा की। मेरी माँ के जीवन में दो लक्ष्य थे। पहला अपनी दो बेटियों यानी मेरी बहन माया और मुझे पालना। तथा दूसरा स्तन कैंसर का इलाज करवाना। 
 
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अमेरिका की राष्ट्रपति पद की उम्मीदवार कमला हैरिस। - फोटो : PTI
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विस्तार
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अमेरिका में पांच नवंबर को राष्ट्रपति पद के लिए चुनाव होना है। ऐसे में, डेमोक्रेटिक की ओर से कमला हैरिस और रिपब्लिकन की ओर से डोनाल्ड ट्रंप चुनावी मैदान में हैं। दोनों ही उम्मीदवार आखिरी कुछ घंटों में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं। इस बीच, हैरिस ने शनिवार को एक संपादकीय में बचपन में अपनी बार-बार भारत यात्रा और अपनी मां के कैंसर के इलाज के दिनों को याद किया।

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'हर दूसरे साल दिवाली मनाने के लिए जाते थे भारत'
उन्होंने ऑनलाइन दक्षिण एशियाई प्रकाशन 'द जैगरनॉट' के लिए लिखे संपादकीय में कहा, 'बड़े होते हुए मां ने मेरी बहन और मुझे हमारी विरासत की सराहना और सम्मान करना सिखाया। लगभग हर दूसरे साल हम दिवाली मनाने के लिए भारत जाते थे। हम अपने दादा-दादी, चाचाओं और भाई-बहनों के साथ समय बिताते थे।'

अब अमेरिका में दिवाली समारोह की मेजबानी करना मेरे लिए सम्मान की बात
उन्होंने आगे कहा, 'उपराष्ट्रपति के तौर पर अपने घर में दिवाली समारोह की मेजबानी करना मेरे लिए सम्मान की बात है। न केवल छुट्टियां मनाने के लिए, बल्कि दक्षिण एशियाई अमेरिकी प्रवासियों के समृद्ध इतिहास, संस्कृति और विरासत का जश्न मनाने के लिए, जो अमेरिका के वादे में संभावना और विश्वास की साझा भावना से एक साथ बंधे हैं।'
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उपराष्ट्रपति ने अपनी मां के दो लक्ष्य बताए
पांच नवंबर के आम चुनावों से तीन दिन पहले प्रकाशित अपने लेख में, हैरिस ने कहा कि 19 साल की उम्र में उनकी मां श्यामला हैरिस ने अकेले ही दुनिया पार की (भारत से संयुक्त राज्य अमेरिका की यात्रा की)। मेरी माँ के जीवन में दो लक्ष्य थे। पहला अपनी दो बेटियों यानी मेरी बहन माया और मुझे पालना। तथा दूसरा स्तन कैंसर का इलाज करवाना। 

दादा के साथ जाती थीं सैर करने
उपराष्ट्रपति ने कहा, 'जब हम छोटे पर भारत जाते थे, तब हम अपने दादा पीवी गोपालन से भी मिलते थे। मेरे दादा एक सेवानिवृत्त सिविल सेवक थे। वह सुबह उठकर सबसे पहले अपने सेवानिवृत्त दोस्तों के साथ समुद्र तट पर लंबी सैर करने जाते थे। मैं भी उनके साथ सैर पर जाती थी। इस दौरान उनसे लोकतंत्र और नागरिक अधिकारों के लिए लड़ने के महत्व के बारे में कहानियां सुनती थीं। इन सैरों के दौरान, मुझे याद है कि मेरे दादाजी ने मुझे न केवल लोकतंत्र का मतलब बल्कि लोकतंत्र को बनाए रखने के बारे में सिखाया था। इसी से सबसे पहले सार्वजनिक सेवा में मेरी रुचि जगी। वे आज भी मेरा मार्गदर्शन कर रहे हैं।'

उन्होंने कहा कि उनका मानना है कि अमेरिकी एक ऐसा राष्ट्रपति चाहते हैं जो  यहां लोगों के लिए काम करे। और यह मेरे पूरे करियर की कहानी रही है।

डोनाल्ड ट्रंप पर हमला
रिपब्लिकन उम्मीदवार पर हमला करते हुए हैरिस ने कहा, 'डोनाल्ड ट्रंप एक गैर-गंभीर व्यक्ति हैं। व्हाइट हाउस में उनके वापस आने के परिणाम बेहद गंभीर होंगे। ट्रंप और उनके चरमपंथी सहयोगी सामाजिक सुरक्षा और चिकित्सा में कटौती करेंगे। उनकी आर्थिक नीतियों से महंगाई बढ़ेगी और 2025 के मध्य तक मंदी आ जाएगी।
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