अमेरिका की पूर्व उपराष्ट्रपति कमला हैरिस ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के स्टेट ऑफ द यूनियन भाषण की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने इसे झूठ से भरा हुआ बताया। इसके साथ ही उन पर अर्थव्यवस्था, मतदान के अधिकार और ईरान के मुद्दों पर अमेरिकियों को गुमराह करने का आरोप लगाया। ट्रंप के भाषण के एक दिन बाद, हैरिस ने बुधवार (स्थानीय समय) को अपने सबस्टैक शो द पारनास पर्सपेक्टिव के होस्ट आरोन पारनास को बताया कि उन्होंने भाषण देखा और पाया कि यह आम परिवारों के सामने आने वाली वास्तविकताओं से अलग था।
मिसिसिपी में एक मां से मिलने का किस्सा सुनाया
इसके साथ ही उन्होंने हाल ही में दक्षिणी राज्यों की अपनी यात्राओं का वर्णन किया। उन्होंने मिसिसिपी में एक ऐसी मां से मिलने का किस्सा सुनाया, जिसका चार लोगों के लिए साप्ताहिक किराने का बजट मात्र 150 डॉलर था। हैरिस ने कहा, "कार्ट में जो कुछ भी था, वह उसके बच्चों के लिए ही था," और आगे बताया कि उस मां ने उनसे कहा कि जो कुछ भी उनके बच्चे नहीं खाएंगे, वह खुद खा लेगी। "वह बोतलबंद पानी लेने के लिए चलकर गई क्योंकि वह नल का पानी नहीं पी सकती, क्योंकि पानी भूरा और जहरीला है। यही है अमेरिका।"
अमेरिकी लोग एक और युद्ध के लिए तैयार नहीं
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क्या है स्टेट ऑफ द यूनियन संबोधन
स्टेट ऑफ द यूनियन संबोधन अमेरिकी राष्ट्रपति द्वारा कांग्रेस को दिया जाने वाला वार्षिक भाषण है, जिसमें विधायी प्राथमिकताओं की रूपरेखा प्रस्तुत की जाती है। देश की स्थिति का आकलन किया जाता है। यह अक्सर चुनावों से पहले घरेलू और विदेश नीति संबंधी बहसों की दिशा तय करता है। 2026 के मध्यावधि चुनाव कांग्रेस पर किसका नियंत्रण होगा, यह तय करेंगे। इन्हें व्यापक रूप से मौजूदा राष्ट्रपति के एजेंडे पर जनमत संग्रह के रूप में देखा जाता है और ये अमेरिकी घरेलू और अंतरराष्ट्रीय नीति की दिशा को महत्वपूर्ण रूप से प्रभावित कर सकते हैं।