असांजे के ऊपर स्वीडन की दो महिलाओं ने दुष्कर्म और यौन शोषण के आरोप लगाए, जिसे उन्होंने सिरे से खारिज कर दिया। स्वीडन ने विकिलीक्स के संस्थापक के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी कर दिया। प्रत्यर्पण के डर से असांजे ने ब्रिटेन के इक्वाडोर में शरण ली। उनके ऊपर 2016 में यह भी आरोप लगा कि उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में रूसी हैकर्स की मदद से हिलेरी क्लिंटन और डेमोक्रेटिक पार्टी के कंप्यूटरों से दस्तावेज चोरी किए।
असांजे को सबसे बड़ा डर इस बात का है कि कहीं स्वीडन उन्हें अमेरिका को न सौंप दें। अमेरिका में गोपनीय सैन्य और कूटनीतिक दस्तावेजों को सार्वजनिक करने के अपराध में उन्हें 35 साल तक की सजा हो सकती है।
मुश्किलों के बीच विकिलीक्स ने जारी रखा काम
असांजे पर दुष्कर्म के आरोप लगने के बाद भी उनकी वेबसाइट विकिलीक्स ने गोपनीय जानकारी को प्रकाशित करना जारी रखा। असांजे को उनकी निडरता और काम के लिए टाइम मैगजीन ने ‘पर्सन ऑफ द ईयर’ के खिताब से भी नवाजा था। यही नहीं, विकिलीक्स को बढ़िया काम के लिए ‘इकोनॉमिस्ट फ्रीडम ऑफ एक्सप्रेशन अवार्ड’ और ‘सेम एडम्स अवार्ड’ से भी नवाजा जा चुका है।
घटनाक्रम-
- 2006 में असांजे ने विकिलीक्स की शुरुआत की।
- 2010 में स्वीडन की दो महिलाओं ने असांजे पर दुष्कर्म का आरोप लगाया।
- 2010 में असांजे ने युद्ध से जुड़े अमेरिका के गोपनीय दस्तावेजों को जारी किया।
- 2012 में असांजे ने लंदन स्थित इक्वाडोर के दूतावास में शरण ली।
- 2017 में स्वीडन ने असांजे के खिलाफ दुष्कर्म से जुड़े अपराध को हटा लिया।
- 2017 में आरोप हटने के बाद इक्वाडोर ने असांजे को अपनी नागरिकता दी।
- 2019 में लंदन स्थित इक्वाडोर के दूतावास से असांजे को गिरफ्तार किया गया।