फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अमेरिका: स्पेसएक्स को मिलेगी वाइल्डलाइफ की जमीन, कोर्ट ने खारिज की अंतरिम रोक की मांग; भड़के पर्यावरण समूह

Tue, 22 Sep 2026 07:36 AM IST
अमन तिवारी वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन

सार

टेक्सास में स्पेसएक्स को 700 एकड़ से अधिक वन्यजीव अभयारण्य की जमीन देने वाले लैंड स्वैप (जमीन अदला-बदली) पर अमेरिकी अदालत ने रोक लगाने से इनकार कर दिया। जज फर्नांडो रोड्रिग्ज जूनियर ने पर्यावरण समूहों की प्रारंभिक निषेधाज्ञा याचिका खारिज की। समूहों ने कानूनी लड़ाई जारी रखने की बात कही है।

विज्ञापन
कोर्ट (प्रतीकात्मक फोटो) - फोटो : एएनआई
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

अमेरिका की एक संघीय अदालत ने टेक्सास में एक जमीन अदला-बदली (लैंड स्वैप) समझौते के तहत अरबपति एलन मस्क की कंपनी स्पेसएक्स को 700 एकड़ से अधिक वन्यजीव अभयारण्य की जमीन सौंपने की ट्रंप प्रशासन की योजना पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है। अदालत के इस फैसले के बाद पर्यावरण समूहों ने अपनी कानूनी लड़ाई जारी रखने का संकल्प लिया है।
विज्ञापन


अमेरिकी जिला न्यायाधीश फर्नांडो रोड्रिग्ज जूनियर ने सोमवार को पर्यावरण और आदिवासी समूहों की उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें इस जमीन के हस्तांतरण पर अंतरिम रोक लगाने की मांग की गई थी। न्यायाधीश ने कहा कि याचिकाकर्ता यह साबित करने में नाकाम रहे कि इस सौदे से गल्फ कोस्ट क्षेत्र के पर्यावरण को कोई अतिरिक्त गंभीर खतरा पहुंचेगा, जो इलाका पहले से ही स्पेसएक्स के रॉकेट अभियानों के चलते काफी बदल चुका है।

क्या है यह जमीन अदला-बदली का सौदा?
यूएस फिश एंड वाइल्डलाइफ सर्विस ने जून में स्पेसएक्स के साथ इस समझौते को आगे बढ़ाने की मंजूरी दी थी। इस समझौते के तहत स्पेसएक्स अपनी 683 एकड़ निजी जमीन सरकार को सौंपेगा और इसके बदले में कंपनी को 'लोअर रियो ग्रांडे वैली नेशनल वाइल्डलाइफ रिफ्यूज' की 700 एकड़ से ज्यादा संघीय जमीन मिलेगी।
विज्ञापन


यह वन्यजीव अभयारण्य टेक्सास सीमा पर चार काउंटियों में 1,03,000 एकड़ में फैला हुआ है। यह दुर्लभ वन्यजीवों का आवास और ऐतिहासिक धरोहर है। नक्शों से पता चलता है कि स्पेसएक्स को जो नई जमीन मिलने वाली है, वह अमेरिका-मेक्सिको सीमा के करीब कंपनी के मौजूदा रॉकेट लॉन्चपैड से बिल्कुल सटी हुई है।

पर्यावरण समूहों ने जताया कड़ा विरोध
मामले को लेकर सेंटर फॉर बायोलॉजिकल डायवर्सिटी के प्रवक्ता लाइकन जोर्डाहल ने कहा कि यह सौदा सार्वजनिक जमीन को स्पेसएक्स को तोहफे में देने जैसा है। उन्होंने आरोप लगाया कि इससे अगले हफ्ते से ही इस वन्यजीव अभयारण्य पर बुलडोजर चलने का रास्ता साफ हो जाएगा और एक सार्वजनिक संपत्ति निजी फायदे में बदल जाएगी।

ये भी पढ़ें: ईरान पर अमेरिका का बड़ा वार: 23 सितंबर से दुनियाभर में एयरलाइंस पर रोक, तेहरान ने दी हमले की चेतावनी

जोर्डाहल ने जोर देकर कहा कि अदालत का यह आदेश अंतिम फैसला नहीं है और उनकी कानूनी लड़ाई जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि यह जमीन दक्षिण टेक्सास के लोगों और वन्यजीवों के लिए आध्यात्मिक, ऐतिहासिक और प्राकृतिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण है और वे इसे स्पेसएक्स से बचाने के लिए लड़ते रहेंगे। स्थानीय लोग समुद्र तटों तक पहुंच बंद होने और रॉकेट विस्फोटों के खतरों को लेकर भी मस्क की कंपनी के बढ़ते विस्तार का विरोध करते रहे हैं।

अदालत का फैसला और सरकार का रुख
वहीं यूएस फिश एंड वाइल्डलाइफ सर्विस ने जून में जारी अपनी अंतिम पर्यावरण रिपोर्ट में कहा था कि इस अदला-बदली से इलाके पर कोई गंभीर प्रभाव नहीं पड़ेगा, बल्कि इससे दक्षिण टेक्सास के अभयारण्यों में पर्यावरण संरक्षण को दीर्घकालिक लाभ मिलेगा।
विज्ञापन


न्यायाधीश रोड्रिग्ज ने अपने फैसले में लिखा कि याचिकाकर्ताओं ने पर्यावरण को होने वाले नुकसान के बेहद कमजोर सबूत पेश किए। वे यह साबित नहीं कर पाए कि मुकदमे की सुनवाई के दौरान इस जमीन को कोई सांस्कृतिक या पर्यावरणीय नुकसान पहुंचेगा। इसके अलावा, न्यायाधीश ने यह भी कहा कि इस सौदे पर रोक लगाने से स्पेसएक्स की विकास योजनाओं पर असर पड़ेगा और कंपनी के लिए अपने लक्ष्यों और अनुबंधों को पूरा करना कठिन हो जाएगा।
 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें