US: अमेरिका के एक संघीय जज ने ट्रंप प्रशासन को अंतरराष्ट्रीय सहायता फिर से शुरू करने का आदेश दिया और पांच दिनों की समयसीमा तय की। जज ने कहा कि मदद रोकने से दुनियाभर में काम करने वाले संगठनों को भारी नुकसान हुआ और प्रशासन इसका सही कारण नहीं बता सका।
अमेरिका में ट्रंप प्रशासन को बड़ा झटका लगा है। दरअसल, एक संघीय जज ने अंतरराष्ट्रीय मानवीय सहायता और विकास कार्यों के लिए अमेरिकी मदद को फिर से शुरू करने का आदेश दिया है और इस आदेश को लागू करने के लिए पांच दिनों की समयसीमा तय की है।
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जज ने यह फैसला गुरुवार को दिया। फैसले में उन्होंने बताया कि ट्रंप प्रशासन के वित्तीय मदद को अचानक रोकने से अमेरिका और दुनियाभर में काम करने वालों और गैर-लाभकारी संगठनों को भारी नुकसान हुआ है। ट्रंप के दूसरे कार्यकाल में यह पहला मामला था, जिसमें अमेरिकी सहायता एजेंसी (यूएसएआईडी) और विदेशी सहायता को रोकने के फैसले को चुनौती दी गई। कई सरकारी कर्मचारी समूह, सहायता संगठन पहले ही अदालतों में यह आरोप लगा चुके हैं कि ट्रंप प्रशासन ने बहुत तेजी से विदेशी मदद को खत्म किया, जिससे कई संगठन वित्तीय संकट में आ गए हैं।
'ट्रंप प्रशासन के फैसले पैदा हुई अराजकता की स्थिति'
जज ने कहा कि ट्रंप प्रशासन ने यह नहीं बताया कि उसने सभी विदेशी मदद को एकसाथ क्यों बंद किया, जिससे दुनियाभर के हजारों संगठनों, व्यापारियों और कंपनियों के साथ अनुबंधों में अराजकता की स्थिति पैदा हुई। इसके कारण आपूर्तिकर्ताओं और किसानों को उनके काम के बदले भुगतान नहीं मिल रहा है, जिससे उन्हें कर्मचारियों की छंटनी करनी पड़ी है और कई व्यवसाय वित्तीय संकट में आ गए हैं।
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जज ने विदेशी फंडिंग बहाल करने के लिए तय की समयसीमा
जज ने ट्रंप प्रशासन को आदेश दिया कि वह सभी संगठनों को सूचित करे, जिनके साथ विदेशी सहायता के लिए अनुबंध हैं और उन्हें यह बताए कि वह कोर्ट के अस्थायी आदेश का पालन कर रहे हैं। जज ने मंगलवार तक समयसीमा तय की है। इस मामले में जज ने यह भी कहा कि ट्रंप प्रशासन ने दावा किया था कि उन्होंने यूएसएआईडी के कार्यक्रमों की समीक्षा करने के लिए सभी भुगतान रोक दिए। लेकिन प्रशासन यह साबित नहीं कर सका कि यह फैसला व्यवसायों और संगठनों को बंद करने के लिए एक तार्किक कदम था।