विदेशी सहायता मामले में डोनाल्ड ट्रंप को बड़ा झटका लगा है। जहां एक संघीय न्यायाधीश ने ट्रंप प्रशासन को अमेरिकी विदेशी सहायता जारी करने के लिए केवल दो दिन का समय दिया। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने मामले में टिप्पणी की कि प्रशासन ने अदालत के आदेश को मानने में कोई प्रयास नहीं किया है।
विदेशी सहायता जारी करने को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मुश्किले बढ़ती जा रही है। जहां मंगलवार को एक संघीय न्यायाधीश ने ट्रंप प्रशासन को अमेरिकी विदेशी सहायता जारी करने के लिए केवल दो दिन का समय दिया। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने मामले में टिप्पणी की कि प्रशासन ने अदालत के आदेश को मानने में कोई प्रयास नहीं किया है, जो लगभग दो सप्ताह पहले दिया गया था।
यूएस डिस्ट्रिक्ट जज का फैसला
विज्ञापन
बता दें कि इस मामले में सुनवाई के दौरानयूएस डिस्ट्रिक्ट जज आमिर एच अली ने यह आदेश दिया। इसमें कहा गया कि ट्रंप प्रशासन ने यूएस एजेंसी फॉर इंटरनेशनल डेवलपमेंट (यूएसएआईडी) और स्टेट डिपार्टमेंट के माध्यम से विदेशी सहायता की कटौती के मामले में अदालत के आदेश का पालन नहीं किया। यह कटौती राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा 20 जनवरी को जारी किए गए कार्यकारी आदेश के बाद की गई थी, जिसमें उन्होंने उन कार्यक्रमों को लक्षित किया था जो उनके विदेश नीति लक्ष्यों के अनुरूप नहीं थे।
गैर-लाभकारी संगठनों का स्टैंड
साथ ही मामले में विदेशों में काम करने वाले गैर-लाभकारी संगठनों ने कहा कि यह रोक संघीय कानून का उल्लंघन है और इसने जीवन रक्षक कार्यक्रमों के लिए आवश्यक फंडिंग को रोक दिया है। वहीं, यूएसएआईडी और स्टेट डिपार्टमेंट का कहना है कि प्रशासन ने पहले से बकाया अरबों डॉलर की राशि पर भी रोक लगाई है।
विज्ञापन
दूसरी बार अदालत के आदेश पर प्रशासन चुप..
गौरतलब है कि यह दूसरी बार है जब किसी न्यायाधीश ने पाया है कि ट्रंप प्रशासन ने अदालत के आदेश का पालन नहीं किया है। इससे पहले रोड आइलैंड में एक अन्य न्यायाधीश ने भी पाया था कि प्रशासन ने संघीय अनुदानों और ऋणों पर लगाई गई रोक को पूरी तरह से हटाया नहीं था, जबकि उन्होंने सरकारी व्यय में व्यापक कटौती योजनाओं को भी अवरुद्ध कर दिया था।