ट्रंप प्रशासन द्वारा यूएसएड के अधिकांश कर्मचारियों को नौकरी से हटाने की योजना पर रोक लगाने वाला न्यायालय का आदेश कम से कम एक और सप्ताह तक लागू रहेगा। बृहस्पतिवार को लगभग तीन घंटे की सुनवाई के बाद, अमेरिकी जिला न्यायाधीश कार्ल निकोलस ने इस आदेश को बढ़ाने का निर्णय लिया।
तीन घंटे तक चली सुनवाई का मुख्य फोकस इस बात पर था कि ट्रंप प्रशासन और एलन मस्क द्वारा कर्मचारियों को छुट्टी पर भेजने और विदेशी सहायता निधि को रोकने के अचानक दिए गए आदेशों से हजारों यूएसएड कर्मचारियों पर क्या प्रभाव पड़ा है।
मामले में जल्द ही लिखित निर्णय देंगे न्यायाधीश
न्यायाधीश निकोलस ने कहा कि वह जल्द ही यह लिखित निर्णय देंगे कि क्या यह रोक जारी रहेगी। उन्होंने सरकार से सवाल किया कि उच्च जोखिम वाले विदेशी क्षेत्रों में छुट्टी पर गए कर्मचारियों की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित की जाएगी। जब न्याय विभाग के एक वकील विस्तृत योजना नहीं दे पाए, तो न्यायाधीश ने उनसे सुनवाई के बाद न्यायालय के दस्तावेज दाखिल करने को कहा।
कांगो में तैनात कर्मचारियों ने दायर किया हलफनामा
कांगो में तैनात यूएसएड कर्मचारियों ने मुकदमे के लिए हलफनामा दायर किया था, जिसमें उन्होंने बताया कि पिछले महीने कांगो की राजधानी में लूटपाट और राजनीतिक हिंसा भड़कने के बाद सहायता एजेंसी ने उन्हें लगभग छोड़ दिया था, जिससे उन्हें अपने परिवारों के साथ बाहर निकलना पड़ा। यूएसएड कर्मचारियों ने कहा कि वे अब वाशिंगटन में फंसे हुए हैं, उनके पास न तो घर है और न ही एजेंसी का वित्तपोषण है, और वे अपनी नौकरी खोने के खतरे में हैं।
पिछले सप्ताह न्यायाधीश ने आदेश को अस्थायी रूप से रोका था
पिछले सप्ताह न्यायाधीश ने ट्रंप प्रशासन को झटका देते हुए उन योजनाओं को अस्थायी रूप से रोक दिया था, जिसमें हजारों कर्मचारियों को छुट्टी पर भेजा जा रहा था। विदेश में रहने वालों को सरकारी खर्च पर अमेरिका लौटने के लिए केवल 30 दिन का समय दिया गया था।
संघीय कर्मचारियों का प्रतिनिधित्व करने वाले दो संघों ने न्यायाधीश से अनुरोध किया कि वे इस रोक को जारी रखें और ट्रंप के विदेश सहायता पर रोक को भी निलंबित करें।
न्यायाधीश ने कर्मचारियों-संघों के तर्कों की सुनवाई की
न्यायाधीश निकोलस ने यूएसएड कर्मचारियों और संघों के तर्कों की सुनवाई की, जो यह दावा कर रहे हैं कि राष्ट्रपति का यह आदेश विश्वभर में अमेरिकी सहायता कार्यक्रमों को प्रभावित कर रहा है।
कर्मचारियों ने अदालत में कहा कि उन्होंने ट्रंप प्रशासन के आदेशों का पालन करने की पूरी कोशिश की, लेकिन उन्हें जो आदेश मिले थे, वे स्पष्ट और समझने में कठिन थे।
ट्रंप के पास कांग्रेस की मंजूरी के बिना यूएसएड बंद करने का अधिकार नहीं
कर्मचारियों और डेमोक्रेटिक सांसदों का कहना है कि ट्रंप के पास बिना कांग्रेस की मंजूरी के यूएसएड को बंद करने का अधिकार नहीं है। वहीं, सरकारी वकीलों का तर्क है कि विदेश मामलों में राष्ट्रपति की शक्तियां व्यापक होती हैं।