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जॉर्डन का सीरिया में बड़ा हवाई हमला: चर्च पर हमले का बदला लेने का दावा, कई आतंकी मारे गए; तीन संदिग्ध गिरफ्तार

Tue, 27 Oct 2026 02:13 AM IST
शिवम गर्ग वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
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Breaking News - फोटो : Amar Ujala
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जॉर्डन की वायुसेना ने सीरिया में कुछ ठिकानों पर हवाई हमले किए हैं। जॉर्डन के सरकारी मीडिया के मुताबिक, यह कार्रवाई शुक्रवार को कराक शहर के ग्रीक ऑर्थोडॉक्स चर्च पर हुए हमले के जवाब में की गई। इस हमले में नौ लोगों की मौत हो गई थी, जबकि दो दर्जन से अधिक लोग घायल हुए थे। जॉर्डन के अधिकारियों ने बताया कि सीरिया में की गई कार्रवाई में कई संदिग्ध आतंकियों के मारे जाने या घायल होने की खबर है। हालांकि, हमले में निशाना बनाए गए समूहों और ठिकानों की सटीक जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है।

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चर्च पर हमले के बाद जॉर्डन की जवाबी कार्रवाई
जॉर्डन के सरकारी मीडिया के अनुसार, वायुसेना की कार्रवाई में कथित आतंकवादी समूहों के कई सदस्य मारे गए या घायल हुए। उनके कई वाहन भी नष्ट किए गए। हालांकि, सीरिया की ओर से इस कार्रवाई पर तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई।

शुक्रवार को कराक शहर में एक अंतिम संस्कार के दौरान ग्रीक ऑर्थोडॉक्स चर्च पर हमला हुआ था। यह शहर राजधानी अम्मान से करीब 90 किलोमीटर दक्षिण में स्थित है। यहां ईसाई समुदाय के लोग भी रहते हैं। घटना के बाद पूरे जॉर्डन में शोक की लहर फैल गई और सरकार ने मृतकों के सम्मान में तीन दिन के राष्ट्रीय शोक की घोषणा की।
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तीन संदिग्ध गिरफ्तार, मुठभेड़ में हुए घायल
जॉर्डन के अधिकारियों ने सोमवार को चर्च हमले के सिलसिले में तीन लोगों को गिरफ्तार किया। अधिकारियों के मुताबिक, गिरफ्तारी से पहले तड़के गोलीबारी हुई, जिसमें तीनों संदिग्ध घायल हो गए।

जॉर्डन के सार्वजनिक सुरक्षा निदेशालय ने आरोपियों की पहचान हज्जा जैदान मोहम्मद, मिशाल जैदान मोहम्मद और अहमद सामी हुसैन के रूप में की है। हज्जा और मिशाल भाई हैं, जबकि अहमद उनका बहनोई है। तीनों जॉर्डन के नागरिक हैं और उन्हें कराक क्षेत्र से हिरासत में लिया गया।

अधिकारियों के मुताबिक, जिस खाली मकान में सुरक्षा बलों ने आरोपियों को पकड़ा, वहां से बड़ी मात्रा में गोला-बारूद भी बरामद हुआ। हालांकि, किसी भी संगठन ने अब तक हमले की जिम्मेदारी नहीं ली थी और आरोपियों के मकसद को लेकर जांच जारी है।

हमलावरों की विचारधारा को लेकर क्या बोली पुलिस?
जॉर्डन के सार्वजनिक सुरक्षा निदेशालय के प्रमुख मेजर जनरल ओबैदल्लाह अब्द रब्बो अल-मायता ने संदिग्धों को ‘तकफीरी’ विचारधारा से जुड़ा बताया। यह शब्द आम तौर पर कुछ कट्टरपंथी सुन्नी उग्रवादियों के संदर्भ में इस्तेमाल किया जाता है। हालांकि, उन्होंने कहा कि आरोपियों का किसी संगठित समूह से संबंध होने की जानकारी नहीं है।

जॉर्डन के गृह मंत्री माजेन अल-फराया ने कहा कि हमला चरमपंथी और आतंकवादी सोच का नतीजा था। उन्होंने चेतावनी दी कि ऐसी विचारधारा पर रोक नहीं लगाई गई तो भविष्य में इस तरह की घटनाएं दोबारा हो सकती हैं।

किंग अब्दुल्ला ने दी सख्त कार्रवाई की चेतावनी
जॉर्डन के राजा अब्दुल्ला द्वितीय ने अधिकारियों को देश की एकता को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि आतंकवादियों को सजा से बचने नहीं दिया जाएगा और ऐसी विचारधाराओं को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, जो जॉर्डन के लोगों के बीच विभाजन पैदा करती हैं। राजा के बयान से स्पष्ट है कि सरकार इस हमले को देश की सुरक्षा और सामाजिक एकता के लिए गंभीर चुनौती मान रही है।

पीड़ित परिवारों को गिरफ्तारी से मिली राहत
हमले में जान गंवाने वालों के परिजनों ने संदिग्धों की गिरफ्तारी पर राहत जताई है। हमले में जीवित बचे और मृतकों में से तीन के रिश्तेदार खालिद अल-बोरकान ने स्थानीय टीवी चैनल अल-ममलका से कहा कि आरोपियों की गिरफ्तारी से पीड़ित परिवारों और पूरे देश के लोगों का दुख कुछ कम हुआ है। एक अन्य पीड़ित के चाचा फारिस हलासेह ने भी गिरफ्तारी की खबर पर राहत जताई। हालांकि, उन्होंने कहा कि इस घटना का दर्द लंबे समय तक बना रहेगा।

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