घाना लंबे समय से आर्थिक संकट से जूझ रहा है। इस बीच जॉन महामा तीसरी बार राष्ट्रपति नियुक्त हुए। संचार मंत्री के तौर पर अपना राजनीतिक करियर शुरू करने वाले विपक्षी नेता महामा ने पिछले साल के अंत में राष्ट्रपति चुनाव जीता था। राष्ट्रपति चुनाव के दौरान उन्होंने देश को आर्थिक संकट, भ्रष्टाचार और बेरोजकारी से बचाने का वादा किया था। 65 वर्षीय महामा इससे पहले 2017 और 2012 में भी घाना के राष्ट्रपति रह चुके हैं। इस बार उन्होंने वर्तमान राष्ट्रपति नाना अकुफो-एडो की जगह ली है।
2012 में पहली बार बनें से राष्ट्रपति
बता दें कि महामा को 2012 में पहली बार राष्ट्रपति तत्कालीन राष्ट्रपति जॉन इवांस अट्टा मिल्स की मौत के बाद बनाया गया था। उन्होंने अपना शेष कार्यकाल पूरा किया और 2012 में फिर चुनाव जीतकर राष्ट्रपति बनें। राष्ट्रपति चुनाव के प्रचार के दौरान महामा ने विभिन्न मोर्चों पर देश को पुनर्स्थापित करने का वादा किया था। इसमें उन्होंने देश की अर्थव्यवस्था को प्राथमिकता दी थी।
शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुए चुनाव
घाना में लंबे समय से जारी आर्थिक संकट के बीच पिछले साल दिसंबर में राष्ट्रपति चुनाव और संसद सदस्यों के लिए एकसाथ चुनाव हुआ। पश्चिम अफ्रीका के क्षेत्रीय ब्लॉक ईसीओडब्ल्यूएएस ने बताया कि चुनाव शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुए। स्थानीय फिनटेक कंपनी जीपे के संस्थापक एंड्रयू टाकी ने कहा, मुझे भरोसा है कि राष्ट्रपति महामा 24 घंटे की अर्थव्यवस्था का उपयोग देश को बेहतर बनाने के लिए करेंगे, जिस पर उन्होंने अभियान चलाया था।
प्रेशियस मिनरल्स मार्केटिंग कंपनी के वरिष्ठ मीडिया अनुसंधान अधिकारी इनोसेंट अप्पिया ने कहा, "मुझे उम्मीद है कि महामा प्रशासन खनन उद्योग में पारदर्शिता और जवाबदेही को प्राथमिकता देगा, और यह सुनिश्चित करेगा कि पीएमएमसी इस क्षेत्र को विनियमित करने और निगरानी करने में अधिक प्रभावी भूमिका निभाए।" एक व्यापारी एनयोनम एगबल ने बताया कि राष्ट्रपति अकुफो-अडो के शासन में बहुत भ्रष्टाचार था। वे सब इससे बाहर निकलना चाहते थे। उन्होंने कहा के देस से जिन चिजों को चुराया गया है, वे अब पुनर्विकास के लिए उसे वापस चाहते हैं।