अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पूर्व सलाहकार जॉन बोल्टन पर गुप्त दस्तावेज रखने के आरोप लगे हैं। देश की संघीय जांच एजेंसी- फेडरल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (एफबीआई) इस मामले की जांच कर रही है।खबरों के मुताबिक एफबीआई ने मैरीलैंड स्थित घर की तलाशी के दौरान दस्तावेज और फोन जब्त किए हैं।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार रहे जॉन बोल्टन गुप्त जानकारी रखने के शक में संघीय जांच का सामना कर रहे हैं। अदालत में सार्वजनिक हुए दस्तावेजों से यह खुलासा हुआ है। एफबीआई ने 25 अगस्त को मैरीलैंड स्थित बोल्टन के घर की तलाशी ली थी।
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दो अमेरिकी कानूनों के उल्लंघन की आशंका
कोर्ट में दायर वारंट आवेदन में दो कानूनों के उल्लंघन की आशंका जताई गई है, जिनमें जासूसी अधिनियम भी शामिल है। अमेरिका के इस कानून के तहत राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े दस्तावेजों को बिना अनुमति रखना या साझा करना अपराध है। तलाशी में एफबीआई को दो मोबाइल फोन और मित्र देशों के हमले से जुड़े बयान वाला एक फोल्डर मिला।
ट्रंप प्रशासन ने फिलहाल सबूतों से जुड़ा मुख्य दस्तावेज सार्वजनिक नहीं किया है
अदालत ने मीडिया संगठनों के आग्रह पर ये दस्तावेज सार्वजनिक किए, लेकिन सरकार ने सबूतों से जुड़ा मुख्य दस्तावेज जारी नहीं किया है। अभियोजकों का कहना है कि ऐसा करने से चल रही जांच और राष्ट्रीय सुरक्षा प्रभावित हो सकती है। बोल्टन की ओर से इस पर तुरंत कोई प्रतिक्रिया नहीं दी गई। यह भी स्पष्ट किया गया कि जांच का मतलब यह नहीं है कि उन पर अनिवार्य रूप से आपराधिक मामला दर्ज होगा।
अमेरिकी राजदूत रह चुके हैं बोल्टन, अब ट्रंप के मुखर आलोचक
गौरतलब है कि ट्रंप खुद भी गुप्त दस्तावेजों के गलत इस्तेमाल के मामले में आरोपों का सामना कर चुके हैं, हालांकि वह मामला बाद में खारिज कर दिया गया था। बोल्टन, जो पहले संयुक्त राष्ट्र में अमेरिकी राजदूत रह चुके हैं, ट्रंप के मुखर आलोचक बन चुके हैं और उन्होंने पिछले साल कहा था कि ट्रंप राष्ट्रपति पद के लिए अयोग्य हैं।