अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव के नतीजों को लेकर सियासी खींचतान के बीच राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के समर्थकों की भीड़ ने यूएस कैपिटल हिल बिल्डिंग के बाहर बुधवार को भारी हंगामा किया। अमेरिका के निर्वाचित राष्ट्रपति जो बाइडन ने यूएस कैपिटल भवन (अमेरिकी संसद भवन) में ट्रंप समर्थकों के हंगामे को राजद्रोह करार दिया है। बाइडन ने हिंसक हमले के एक दिन बाद ट्रंप समर्थक भीड़ को ‘घरेलू आतंकवादी’ बताते हुए उसकी निंदा की।
स्पीकर नैंसी पेलोसी के ऑफिस में भी की गई तोड़फोड़
डोनाल्ड ट्रंप समर्थक दंगाइयों द्वारा बुधवार को अमेरिकी संसद पर किए गए हमले में कांग्रेस (संसद) के निम्न सदन प्रतिनिधि सभा की स्पीकर नैंसी पेलोसीके कार्यालय में भी तोड़फोड़ की गई। पेलोसी के सहायक ने बताया कि भीड़ ने 80 वर्षीय शीर्ष डेमोक्रेट नेता के अति सुरक्षित इमारत स्थित कार्यालय में लगे बड़े आइने को तोड़ दिया और दरवाजे पर लगी नाम की पट्टी उखाड़ दी।
बता दें कि अमेरिकी संसद में हिंसा के बाद निर्वाचित राष्ट्रपति जो बाइडन ने राष्ट्र के नाम संदेश में कहा कि 'वह यह देखकर हतप्रभ और दुखी हैं कि अमेरिका में ऐसा अंधकारमय क्षण आ गया है। इस समय, हमारा लोकतंत्र अभूतपूर्व संकट में है। किसी अन्य चीज के विपरीत हमने यह आधुनिक युग में देखा है। यह स्वतंत्रता के दुर्ग, कैपिटल भवन पर हमला है। यह लोगों के प्रतिनिधियों तथा कैपिटल हिल पुलिस पर हमला है।'
ट्विटर-फेसबुक ने ट्रंप का अकाउंट किया अवरुद्ध
इस बीच, ट्विटर और फेसबुक ने एक अभूतपूर्व कदम उठाते हुए ट्रंप के अकाउंट्स को अवरुद्ध कर दिया। ट्विटर ने ट्रंप के अकाउंट को 12 घंटे के लिए अवरुद्ध कर दिया और समर्थकों को उनके संबोधन सहित उनके तीन वीडियो भी अवरुद्ध कर दिए। फेसबुक ने कहा कि वह नीति उल्लंघन के चलते राष्ट्रपति के अकांउट को 24 घंटे के लिए अवरुद्ध कर रहा है।
गौरतलब है कि अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में शिकस्त के बाद भी डोनाल्ड ट्रंप और उनके समर्थक हार मानने को तैयार नहीं हैं। डोनाल्ड ट्रंप दबाव बना रहे थे कि चुनाव में धांधली हुई है। उनके समर्थकों ने इसी सिलसिले में संसद भवन पर धावा बोल दिया। इस दौरान उपद्रवियों को रोकने में अमेरिकी संसद में ही गोली चल गई। इसमें एक महिला की जान भी चली गई। पुलिस का कहना है कि अब तक कुल चार लोगों की मौत हो चुकी है।