अमेरिका में राष्ट्रपति पद के लिए डेमोक्रेटिक उम्मीदवार जो बिडेन ने कहा है कि अगर वह चुनाव जीत जाते हैं, तो उनका प्रशासन भारत के सामने मौजूद खतरों से निपटने में उसके साथ खड़ा रहेगा। बिडेन ने भारत और अमेरिका के बीच संबंधों को और मजबूत करने की बात कही है।
पूर्ववर्ती ओबामा प्रशासन में उपराष्ट्रपति रहे बिडेन ने भारत के स्वतंत्रता दिवस पर भारतीय-अमेरिकी समुदाय को संबोधित करते हुए कहा कि मैं 15 साल पहले भारत के साथ ऐतिहासिक असैन्य परमाणु समझौते को मंजूरी देने के प्रयासों का नेतृत्व कर रहा था। मैंने कहा कि अगर भारत और अमेरिका निकट मित्र और सहयोगी बनते हैं तो दुनिया अधिक सुरक्षित हो जाएगी।
बिडेन ने कहा कि अगर वह चुनाव जीत जाते हैं तो भारत अपने क्षेत्र और अपनी सीमाओं पर जिन खतरों का सामना कर रहा है, वह उनसे निपटने में उसके साथ खड़े रहेंगे। उन्होंने कहा कि वह दोनों देशों के बीच व्यापार बढ़ाने और जलवायु परिवर्तन और वैश्विक स्वास्थ्य सुरक्षा जैसी बड़ी वैश्विक चुनौतियों से निपटने पर काम करेंगे।
बिडेन ने कहा कि अगर उन्हें राष्ट्रपति चुना जाता है, तो वह उन लोकतंत्रों को मजबूत करने के लिए काम करेंगे जिनकी ताकत उनकी विविधता है। उन्होंने कहा कि इस मौके पर ‘‘आइए, हमारे देशों और लोगों के बीच संबंधों को और मजबूत करें’’।
बिडेन ने कहा कि मैं राष्ट्रपति के तौर पर भारतीय-अमेरिकी समुदाय पर भरोसा करना जारी रखूंगा। यह समुदाय दोनों देशों को जोड़कर रखता है। उन्होंने कहा कि डेलावेयर में मेरे निर्वाचन क्षेत्र के सदस्यों और सीनेट में मेरे कर्मियों में बड़ी संख्या में भारतीय-अमेरिकी थे।
ओबामा प्रशासन में देश के इतिहास में किसी भी अन्य प्रशासन की तुलना में सबसे अधिक भारतीय-अमेरिकी थे और इस मुहिम में वरिष्ठ स्तरों पर भारतीय-अमेरिकी सदस्य हैं। मुहिम के शीर्ष में हमारी प्यारी मित्र कमला हैरिस हैं, जो अमेरिका के इतिहास में पहली भारतीय-अमेरिकी उपराष्ट्रपति होंगी।
बिडेन ने कहा कि हम सभी जानते हैं कि वह बुद्धिमान हैं, वह पूरी तरह तैयार हैं लेकिन एक अन्य चीज जो कमला को इतना प्रेरणादायी बनाती है, वह है उनकी मां की अमेरिका आने की कहानी, जो भारत में शुरू हुई थी। उनके (हैरिस की मां) साहस ने उनकी बेटियों को यहां तक पहुंचाया। मैं जानता हूं कि आपको इस बात पर कितना गर्व है। यही आपकी भी कहानी है।
उन्होंने कहा कि आप हमारे समुदाय और हमारे देश के आधार हैं। आप देशभक्त हैं और आगे रहकर इस महामारी से निपट रहे हैं। बिडेन ने कहा कि मैं उन लोगों के लिए दुखी हूं, जो घृणा, अपराधों और एच1-बी वीजा पर अचानक उठाए गए हानिकारक कदमों समेत वैध आव्रजन पर कार्रवाई के कारण निशाना बन रहे हैं।