डोनाल्ड ट्रंप-जो बाइडेन (फाइल फोटो)
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कैलिफोर्निया प्रांत के ओरेगन व आसपास के जंगल में लगी आग अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में एक मुद्दा बनती जा रही है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की कैलिफोर्निया यात्रा से ठीक पहले ही उनके डेमोक्रेट प्रतिद्वंद्वी जो बिडेन ने इसे चुनावी मुद्दा बनाने का एलान कर दिया है। यानी एक तरफ ट्रंप यहां हुए नुकसान का जायजा लेने जा रहे हैं और वहीं बिडेन पर्यावरण के मुद्दे को उठा रहे हैं।
डेमोक्रेटिक प्रत्याशी इस मसले को लेकर एक भाषण तैयार कर रहे हैं ताकि राष्ट्रपति चुनाव में जलवायु परिवर्तन के मुद्दे को भुनाया जा सके। बता दें कि रिपब्लिकन प्रत्याशी डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिका को जलवायु परिवर्तन के मुद्दे पर पेरिस समझौते से बाहर कर लिया है। जबकि अब ट्रंप ने पश्चिमी तट के पास लगी आग के लिए बहुत हद तक खराब फॉरेस्ट प्रबंधन को जिम्मेदार ठहराया है।
व्हाइट हाउस के प्रवक्ता जुड डीरे ने बताया है कि ट्रंप यहां जंगल की आग से जूझ रहे लोगों का समर्थन करना चाहते हैं। उधर, प्रतिद्वंद्वी बिडेन ने भी ताल ठोकते हुए कहा कि डेमोक्रेट राष्ट्रपति बराक ओबामा ने जिस पेरिस समझौते में अमेरिका की बड़ी भूमिका निभाई उसे ट्रंप ने एक झटके में खत्म कर दिया। जलवायु परिवर्तन एक बड़ा मुद्दा है।
जंगल में लगी आग से 35 की मौत
ओरेगन के आसपास लगी भीषण आग के चलते कैलिफोर्निया से लेकर वॉशिंगटन तक कम से कम 35 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। जबकि अधिकारियों के मुताबिक एशलैंड क्षेत्र में लगी आग के कारण करीब 50 लोग लापता हो सकते हैं। इससे पहले ओरेगन में 10 लोगों की मौत के समाचार थे। मौतों की बढ़ती संख्या के साथ अमेरिकी चुनाव में सियासत भी चरम पर है।
ट्रंप की रैली में नेवादा गवर्नर की अवहेलना
जून में राष्ट्रपति ट्रंप की रैली के बाद नेवादा प्रांत में एक बार फिर उनके समर्थकों ने महामारी के स्वास्थ्य दिशा-निर्देशों की खुली अवहेलना की। ट्रंप ने यहां अपनी पहली इनडोर रैली को भीड़भाड़ के साथ संबोधित किया।
जबकि नेवादा के गवर्नर ने स्पष्ट रूप से राज्य में संक्रमण से बचाव के लिए सख्त दिशा निर्देश जारी किए हैं। इससे पहले ओक्लाहोमा की रैली में भी ट्रंप को संक्रमण बढ़ने के लिए जिम्मेदार ठहराया गया था।