अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन इस समय यूरोप के दौरे पर हैं। इस दौरान उन्होंने विंडसर कैसल में किंग चार्ल्स तृतीय से भी मुलाकात की। किंग चार्ल्स तृतीय ने अमेरिकी राष्ट्रपति का गर्मजोशी से स्वागत भी किया। इस दौरान कुछ ऐसा हुआ जिसकी अब चर्चा हो रही है। लोग इसे शाही प्रोटोकॉल का उल्लंघन बता रहे हैं। वहीं, बकिंघम पैलेस ने दोनों की इस मुलाकात को स्नेह का अद्भुत प्रतीक बताया है।
बाइडन ने तोड़ा शाही प्रोटोकॉल?
दरअसल, ये तब हुआ जब अमेरिकी राष्ट्रपति अपने आधिकारिक वाहन, जिसे "द बीस्ट" के नाम से जाना जाता है, में सुरक्षा काफिले के साथ सवार होकर विंडसर कैसल पहुंचे। यहां किंग चार्ल्स तृतीय ने हाथ मिलाकर उनका स्वागत किया। इसके बाद दोनों देशों के राष्ट्रगान बजाए गए। साथ ही किंग के साथ अमेरिकी राष्ट्रपति ने वेल्श गार्ड्स का भी निरीक्षण किया। लेकिन विवाद तब खड़ा हो गया जब जो बाइडन ने किंग चार्ल्स की पीठ पर लापरवाही से अपना हाथ रख दिया। अब इसे लेकर उनपर आरोप लग रहे हैं। कहा जा रहा है कि ऐसा करके उन्होंने शाही प्रोटोकॉल तोड़ दिया है।
बकिंघम पैलेस ने दोनों की मुलाकात को बताया स्नेह का अद्भुत प्रतीक
वहीं, बकिंघम पैलेस के एक सूत्र ने इसे दोनों व्यक्तियों और देशों के बीत गर्मजोशी और स्नेह का प्रतीक बताया है। पैलेस के सूत्र ने कहा कि जो बाइडन द्वारा सम्राट की पीठ को छूने के दौरान किंग चार्ल्स पूरी तरह से सहज थे। सूत्र ने कहा है कि यह दोनों व्यक्तियों और उनके राष्ट्रों के बीच गर्मजोशी और स्नेह का कितना अद्भुत प्रतीक था। उन्होंने यह भी कहा कि यह प्रोटोकॉल के अनुरूप ही था।
बता दें कि किंग बनने के बाद चार्ल्स तृतीय की अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन के साथ यह पहली औपचारिक मुलाकात थी। इस दौरान दोनों लोगों ने जलवायु परिवर्तन के खिलाफ लड़ाई पर चर्चा की। साथ ही इससे निपटने के लिए क्लाइमेट फाइनेंस मोबिलाइजेशन फोरम पर भी चर्चा हुई।
बाइडन ने की सुनक से मुलाकात
इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने ब्रिटिश प्रधानमंत्री ऋषि सुनक से भी मुलाकात की। इस दौराने दोनों नेताओं के बीच, हिंद-प्रशांत क्षेत्र सहित विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की। बाइडन लिथुआनिया में उत्तरी अटलांटिक संधि संगठन (नाटो) शिखर सम्मेलन से पहले ब्रिटेन पहुंचे थे। नाटो शिखर सम्मेलन में रूस-यूक्रेन संघर्ष और यूक्रेन के लिए पश्चिम का समर्थन जैसे मुद्दे वार्ता के केंद्र में होंगे।
फिनलैंड भी जाएंगे बाइडन
व्हाइट हाउस के बयान के मुताबिक, अमेरिकी राष्ट्रपति यूके से नाटो शिखर सम्मेलन के लिए लिथुआनिया और यूएस-नॉर्डिक लीडर्स शिखर सम्मेलन के लिए फिनलैंड की यात्रा करेंगे।