अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने प्रत्यर्पण का सामना कर रहे तीन खास भारतवंशी युवा मेहमानों को इस बार दिवाली समारोह पर व्हाइट हाउस में आमंत्रित किया। इन्हें राष्ट्रपति ने खुद बुलावा भेजा था। इस कदम के जरिये राष्ट्रपति बाइडन डेफर्ड एक्शन लीगल चाइल्डहुड अराइवल (डीएएलसीए) के साथ एकजुटता का संदेश दे रहे हैं।
विज्ञापन
ये ऐसे बच्चे हैं, जो छोटी उम्र में माता-पिता के साथ अमेरिका आए थे, लेकिन व्यस्क होने के बाद उन्हें अपने देश लौटने का निर्देश दिया गया है। दरअसल ये युवा हो गए हैं, इसलिए माता-पिता के वीजा पर अमेरिका में नहीं रह सकते। अमेरिका में अभी 200,000 ऐसे अप्रवासी बच्चे हैं। इनमें अधिकतर भारतीय अमेरिकी हैं।
दूसरे देशों से माता-पिता के साथ छोटी उम्र में अमेरिका आ गए। तब से यहीं रह रहे थे, लेकिन अब वयस्क होने के बाद इन्हें माता-पिता के वीजा पर यहां रुकने की अनुमति नहीं है। इन्हीं के लिए इंप्रूव द ड्रीम संगठन की शुरुआत की गई है।