अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन ने नशीली दवाओं के लिए दोषी ठहराए गए लगभग 2500 लोगों की सजा कर करने की घोषणा की। उन्होंने यह फैसला अपने कार्यकाल के खत्म होने के कुछ ही दिन पहले लिया है। इसी के साथ बाइडन ने सबसे अधिक व्यक्तिगत क्षमादान और कम्यूटेशन जारी करने रिकॉर्ड अपने नाम किया है। उन्होंने बताया कि अभी और भी कुछ आ सकता है। डेमोक्रेट ने कहा कि वह वर्तमान कानून, नीति और व्यवहार के तहत उन्हें दी जाने वाली सजाओं में, अनुपातहीन रूप से लंबी सजाओं को रद्द करने की मांग कर रहे हैं।
एक बयान जारी कर बाइडन ने कहा, "आज की क्षमादान कार्रवाई उन व्यक्तियों को राहत प्रदान करेगी जिन्हें पाउडर कोकीन के इस्तेमाल के लिए लंबी सजा दी गई थी। यह कार्रवाई ऐतिहासिक गलतियों को सुधारने, सजा की असमानताओं को ठीक करने और योग्य व्यक्तियों को सलाखों के पीछे बहुत अधिक समय बिताने के बाद अपने परिजनों से मिलने का अवसर प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।"
व्हाइट हाउस ने नहीं किया आरोपियों के नामों का खुलासा
व्हाइट हाउस की तरफ से फिलहाल कम्यूटेशन प्राप्त करने वालों के नाम का खुलासा नहीं किया गया है। बाइडन ने कहा, "अभी और भी कुछ आ सकता है।" उन्होंने सोमवार को नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पद संभालने से पहले के समय का उपयोग करने का वादा किया है। बाइडन ने इससे पहले पिछले महीने कोरोना महामारी के दौरान जेल से रिहा हुए और घरेलू कारावास में रखे गए करीब 1,500 लोगों की सजा कम की थी। इसके साथ ही अहिंसक अपराधों के दोषी 39 अमेरिकियों को भी माफ कर दिया गया था।
पिछले महीने बाइडन ने मृत्युदंड के 40 लोगों में से 37 की सजा कर की थी। हालांकि, ट्रंप ने अपना कार्यकाल शुरू होने के बाद इन आदेशों को वापस लेने की कसम खाई है। राष्ट्रपति बाइडन ने हाल ही में अपने बेटे हंटर को भी माफ कर दिया। दरअसल, राष्ट्रपति को डर था कि ट्रंप सरकार उनके बेटे पर अन्य अपराधों के लिए भी मुकदमा चला सकते हैं। अपने पहले कार्यकाल में राष्ट्रपति के रूप में डोनाल्ड ट्रंप का अंतिम कार्य अल पिरो के लिए क्षमा की घोषणा करना था।
अपने पहले कार्यकाल में राष्ट्रपति के रूप में ट्रम्प का अंतिम कार्य फॉक्स न्यूज चैनल के होस्ट जीनिन पिरो के पूर्व पति, उनके कट्टर रक्षकों में से एक, अल पिरो के लिए क्षमा की घोषणा करना था। अल पिरो को कर चोरी के आरोप में दोषी ठहराया गया था और साल 2000 में दो साल से अधिक जेल की सुनाई गई थी।
संविधान में शामिल किया गया समान अधिकार संशोधन : बाइडन
राष्ट्रपति बाइडन ने शुक्रवार को घोषणा की कि समान अधिकार संशोधन को अब अमेरिका के संविधान में एक वैध संशोधन के रूप में माना जाएगा, जिससे लैंगिक समानता को लेकर लंबे समय से चल रहे कानूनी विवाद में एक नया मोड़ आ गया है। बाइडन ने एक बयान में कहा, अब समय आ गया है कि हम अमेरिकी जनता की इच्छा को जानें। देश के संविधान के प्रति शपथ के तहत मैं पुष्टि करता हूं कि 28वां संशोधन अब एक कानून बन चुका है, जो सभी अमेरिकियों को कानून के तहत समान अधिकार और सुरक्षा प्रदान करता है, चाहे उनका लिंग कुछ भी हो।