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Joe Biden: '2020 में भी चुनाव लड़ना नहीं चाहते थे बाइडन'; पद छोड़ने से पहले किया खुलासा, फिटनेस पर भी बोले

Thu, 09 Jan 2025 01:42 AM IST
दीपक कुमार शर्मा वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन

सार

साक्षात्कार के दौरान 82 वर्षीय जो बाइडन ने बताया कि 2020 में उनका राष्ट्रपति पद के लिए चुनाव लड़ने का कोई इरादा नहीं था, लेकिन जब डोनाल्ड ट्रंप ने फिर से चुनाव लड़ने का निर्णय लिया, तो उन्होंने महसूस किया कि यह उन्हें हराने का सबसे अच्छा मौका है। 
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जो बाइडन - फोटो : PTI
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विस्तार
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अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन ने पद छोड़ने से पहले अपनी फिटनेस पर संदेह जताया। उन्होंने कहा कि उन्हें नहीं पता था कि वह चार साल और सेवा कर भी पाएंगे या नहीं। हालांकि, उन्होंने यह भी दावा किया कि अगर वह इस बार चुनाव लड़ते तो वह जीत सकते थे। अपने कार्यकाल के अंतिम दिनों में उन्होंने यह भी खुलासा किया कि वह 2020 में भी चुनाव नहीं लड़ना चाहते थे। 

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जो बाइडन ने बुधवार को व्हाइट हाउस में एक अमेरिकी अखबार को साक्षात्कार के दौरान ये बातें कहीं। इस दौरान उनसे पूछा गया कि क्या उनमें चार साल और सेवा करने की शक्ति है, तो बाइडन ने जवाब दिया, 'मुझे नहीं पता।'

2020 में भी चुनाव लड़ने का नहीं था इरादा: बाइडन
साक्षात्कार के दौरान 82 वर्षीय जो बाइडन ने बताया कि 2020 में उनका राष्ट्रपति पद के लिए चुनाव लड़ने का कोई इरादा नहीं था, लेकिन जब डोनाल्ड ट्रंप ने फिर से चुनाव लड़ने का निर्णय लिया, तो उन्होंने महसूस किया कि यह उन्हें हराने का सबसे अच्छा मौका है। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि मैं 85 या 86 साल की उम्र में राष्ट्रपति बनने की उम्मीद नहीं कर रहा था। उन्होंने कहा कि 'अब तक तो सब ठीक है, लेकिन कौन जानता है कि 86 साल की उम्र में मैं क्या बनूंगा।'
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जब उनसे पूछा गया कि क्या वे फिर से चुने जा सकते हैं, तो बाइडन ने जवाब दिया, 'ऐसा कहना बेतुका है, लेकिन मुझे लगता है कि हां।'

चुनाव लड़ने का एलान करने से बनी उम्र और फिटनेस की चिंता
बाइडन की उम्र और फिटनेस को लेकर चिंता तब से बनी हुई है, जब से उन्होंने फिर से चुनाव लड़ने का एलान किया था। पिछले साल जुलाई में उन्होंने ट्रंप के खिलाफ बहस की, तो उन्हें कुछ कठिनाइयों का सामना करना पड़ा, जिसके दबाव में आकर वे राष्ट्रपति पद दौड़ से बाहर हो गए। उन्होंने उपराष्ट्रपति कमला हैरिस का समर्थन किया, लेकिन वह ट्रंप से हार गईं। 

बाइडन ने क्षमादान पर भी किया विचार
साक्षात्कार के दौरान बाइडन ने यह भी कहा कि उन्होंने कुछ व्यक्तियों को ट्रंप प्रशासन से बचाने के लिए क्षमा देने पर विचार किया है, लेकिन इस पर कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया है। उन्होंने कहा कि जब वे और ट्रंप ओवल ऑफिस में मिले, तो उन्होंने स्पष्ट करने की कोशिश की कि किसी प्रकार का प्रतिशोध लेने की जरूरत नहीं है। 

बाइडन को जलवायु कानून के कुछ हिस्सों को खत्म करने का डर
बाइडन ने आगे कहा कि उनका सबसे बड़ा डर यह है कि ट्रंप उनके द्वारा हस्ताक्षरित जलवायु कानून के कुछ हिस्सों को खत्म कर देंगे। उन्होंने ट्रंप को यह कहने के लिए भी आड़े हाथों लिया कि न्यू ऑर्लियंस में नए साल के दिन हुए आतंकी हमले का चालक एक अप्रवासी था, जो मेक्सिको से अमेरिका में आया था। 

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