अमेरिका के निर्वाचित राष्ट्रपति जो बाइडन पांच लाख भारतीयों समेत लगभग 1 करोड़ 10 लाख ऐसे आप्रवासियों को अमेरिकी नागरिकता प्रदान करने का रोडमैप तैयार करेंगे, जिनके पास दस्तावेज नहीं हैं। इसके अलावा वह सालाना न्यूनतम 95,000 शरणार्थियों को अमेरिका में प्रवेश दिलाने की प्रणाली भी बनाएंगे। बाइडन के अभियान द्वारा जारी एक नीतिगत दस्तावेज में यह जानकारी दी गई है।
दस्तावेज में कहा गया है, 'वह (बाइडन) जल्द ही कांग्रेस में एक आव्रजन सुधार कानून पारित कराने पर काम शुरू करेंगे, जिसके जरिए हमारी प्रणाली को आधुनिक बनाया जाएगा। इसके तहत पांच लाख से अधिक भारतीयों समेत लगभग एक करोड़ 10 लाख ऐसे आप्रवासियों को अमेरिका की नागरिकता प्रदान करने का रोडमैप तैयार किया जाएगा, जिनके पास दस्तावेज नहीं हैं।'
दस्तावेज के अनुसार, 'वह अमेरिका में सालाना 1,25,000 शरणार्थियों को प्रवेश देने का लक्ष्य निर्धारित करेंगे। इसके अलावा वह सालाना न्यूनतम 95,000 शरणार्थियों को देश में प्रवेश दिलाने के लिए कांग्रेस के साथ काम करेंगे।'
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बता दें कि शनिवार को अमेरिकी चुनाव के अंतिम परिणाम आ गए। जो बाइडन अमेरिका के अगले राष्ट्रपति चुने गए हैं। डेमोक्रेटिक पार्टी की ओर से बाइडन ने 290 इलेक्टोरल वोट हासिल किए वहीं, उनके प्रतिद्वंद्वी रिपब्लिकन पार्टी के उम्मीदवार डोनाल्ड ट्रंप को 214 वोट मिले।
यानी ट्रंप से उन्हें 76 और बहुमत के लिए जरूरी 270 से 20 वोट ज्यादा मिले हैं। इसी के साथ ही तीन नवंबर को चुनाव के बाद शुरू हुई गहमागहमी समाप्त हो गई और अमेरिका के इस चुनावी नाटक का पटाक्षेप हो गया।
भारतीय मूल की कमला हैरिस ने भी इस चुनाव में जीत के साथ इतिहास रच दिया है। वह पहली ऐसी महिला हैं जो अमेरिका के उपराष्ट्रपति पद पर आसीन होंगी। भारत के लिए भी गर्व की बात है कि भारतीय मूल की एक महिला अमेरिकी उपराष्ट्रपति का पद संभालेंगी।