अमेरिका के एक प्रभावशाली सांसद जिम कोस्टा ने अफगानिस्तान के सिखों और हिंदुओं को शरणार्थी का दर्जा देने के लिए भारत की प्रशंसा की और ट्रंप प्रशासन से इस युद्धग्रस्त देश के सताए धार्मिक अल्पसंख्यकों के लिए भारत जैसी ही व्यवस्था करने की अपील की है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि अफगानिस्तान में बाहरी समर्थकों के इशारे पर आतंकियों ने हिंदुओं व सिखों पर हमले बढ़ा दिए हैं।
जिम कोस्टा ने कहा कि भारत इन समुदायों के उन सदस्यों को जरूरी वीजा उपलब्ध करा रहा है जो वहां से आना चाहते है, यह सराहनीय कदम है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने कहा कि हमें अफगान हिंदू और सिख समुदायों के सदस्यों से अनुरोध प्राप्त हो रहे हैं। वे भारत आना चाहते हैं, यहां रहना चाहते हैं और कोविड की मौजूदा स्थिति के बावजूद, हम उनके अनुरोधों को पूरा कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि जो लोग भारत आकर बसना चाहते हैं, उनके देश पहुंचने के बाद, उनके अनुरोधों को जांचा जाएगा और मौजूदा नियमों और नीतियों के आधार पर उनपर काम किया जाएगा।
भारत के इस कदम पर प्रतिक्रिया जताते हुए सांसद जिम कोस्टा ने कहा, यह आतंकवादियों के हाथों बर्बादी से अफगानिस्तान के हिंदुओं और सिखों को बचाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
मुझे खुशी है कि भारत ने उन्हें शरण दी है
अमेरिकी सांसद जिम कोस्टा ने न्यूयॉर्क टाइम्स से एक खबर का संदर्भ देते हुए कहा, मुझे इस बात की खुशी है कि भारत ने उन्हें शरण दी है लेकिन लंबे वक्त तक उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए और बहुत कुछ किए जाने की जरूरत है। मैं अधिक स्थायी समाधानों की वकालत करना जारी रखूंगा जो इन परिवारों को सुरक्षा, आर्थिक स्थिरता और उज्ज्वल भविष्य दे।