नियमों का उल्लंघन कर प्लाट आवंटन का ये मामला साल 2009 का है। उस समय वंदना दादेल आदित्यपुर औद्योगिक क्षेत्र विकास प्राधिकरण की कार्यकारी निदेशक थीं। इस मामले में सुनवाई करते हुए झारखंड हाईकोर्ट की एकल पीठ ने 22 सितंबर को एआईएडीए अधिकारियों के खिलाफ सीबीआई जांच का आदेश दिया था।
प्लॉट आवंटन मामले में आईएएस अधिकारी वंदना दादेल को झारखंड हाईकोर्ट ने बड़ी राहत दी है। इस मामले में सुनवाई कर रही झारखंड उच्च न्यायालय की एक पीठ ने बृहस्पतिवार को राज्य की उद्योग सचिव वंदना दादेल के खिलाफ चल रही सीबीआई जांच पर रोक लगाने का आदेश जारी किया। गौरतलब है कि राज्य की उद्योग सचिव वंदना दादेल पर आरोप है कि उन्होंने नियमों का कथित उल्लंघन कर आदित्यपुर औद्योगिक क्षेत्र विकास प्राधिकरण (एआईएडीए) के अंतर्गत प्लाट का आवंटन किया था।
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नियमों का उल्लंघन कर प्लाट आवंटन का ये मामला साल 2009 का है। उस समय वंदना दादेल आदित्यपुर औद्योगिक क्षेत्र विकास प्राधिकरण की कार्यकारी निदेशक थीं। इस मामले में सुनवाई करते हुए झारखंड हाईकोर्ट की एकल पीठ ने 22 सितंबर को एआईएडीए अधिकारियों के खिलाफ सीबीआई जांच का आदेश दिया था। एकल पीठ के इस आदेश के खिलाफ वंदना दादेल ने न्यायमूर्ति अपरेश कुमार सिंह और न्यायमूर्ति दीपक रौशन की खंडपीठ के समक्ष याचिका दायर की है।
उनकी इस याचिका पर सुनवाई के दौरान महाधिवक्ता राजीव रंजन ने कहा कि एकल न्यायाधीश के आदेश के दूरगामी परिणाम होंगे। एआईएडीए के सभी कार्यों को स्थगित कर दिया गया है और इससे क्षेत्र के विकास कार्य प्रभावित होंगे। इस मामले में अगली सुनवाई के लिए अदालत ने दुर्गा पूजा की छुट्टी के बाद सूचीबद्घ किया है।