जेसिंडा अर्डर्न को एक बार फिर चुनावों में जीत हासिल करती हुईं न्यूजीलैंड की प्रधानमंत्री बनी हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें इस जीत पर बधाई दी है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा है कि न्यूजीलैंड के पीएम जेसिंडा अर्डर्न को उनकी शानदार जीत पर मेरी हार्दिक बधाई। एक साल पहले की हमारी आखिरी मुलाकात को याद करते हुए, मैं भारत-न्यूजीलैंड के संबंधों को उच्च स्तर तक ले जाने के लिए मिलकर काम करने की आशा करता हूं।
न्यूजीलैंड की महिला प्रधानमंत्री जेसिंडा अर्डर्न को अपनी जिम्मेदारियां और दायित्व बेहतर ढंग से निभाने का जो इनाम जनता ने दिया वो शायद ही इतनी जल्दी किसी नेता या पार्टी को मिला हो।शनिवार को हुए आम चुनाव में दशकों बाद लेबर पार्टी को धमाकेदार जीत हासिल हुई। चुनाव खत्म होते ही वोटिंग शुरू हुई तो अर्डर्न का लगातार दूसरी बार देश का प्रधानमंत्री बनने का रास्ता साफ हो गया।
120 सीटों में से 64 सीटों और 49 फीसदी वोटों के साथ वो पूर्ण बहुमत के साथ सरकार बनाएंगी। 1990 में चुनाव प्रणाली में बड़े स्तर पर बदलाव के बाद न्यूजीलैंड के राजनीतिक इतिहास में इस तरह का पहला नतीजा सामने आया है। विपक्षी दल नेशनल पार्टी की ज्यूडिश कॉलिन्स ने भी नतीजे आने के बाद अपने समर्थकों को धन्यवाद देते हुए हार स्वीकार कर ली।
उन्होंने अर्डर्न को फोन कर इस शानदार जीत के लिए बधाई दी। ज्यूडिथ ने कहा कि नेशनल पार्टी संसद में विपक्ष के रूप में हर नागरिक की ओर से जनहित को ध्यान में रखते हुए अपनी भूमिका निभाएगी। देश के लिए नई सरकार चुनने के लिए सभी को शुभकामनाएं।
| पार्टी |
सीटें जीतीं |
वोट प्रतिशत |
| लेबर पाटी |
64 |
49 |
| नेशनल पार्टी |
35 |
26.9 |
| ग्रीन पार्टी |
10 |
7.6 |
| एक्ट पार्टी |
10 |
8 |
| माओरी पार्टी |
01 |
|
- कुल मतदाताओं की संख्या 34.9 लाख
टीम में नहीं होगा बदलाव
जीत के बाद जेसिंडा ने अपने भाषण में कहा कि ‘हम उसी तरह शासन करेंगे जैसे हमने अभियान चलाया था’। कोरोना संकट को पछाड़ हम बेहतर करेंगे और ये हमारे लिए मौका है। देश की जनता ने 50 वर्षों में पहली बार लेबर पार्टी को ऐसा सहयोग दिया है। आगे समय कठिन है लेकिन मैं वादा करती हूं हमारी पार्टी हर एक नागरिक के लिए काम करेगी। मेरी टीम में कोई बदलाव नहीं होगा।
80 साल के इतिहास में पहली बार
वेलिंगटन स्थित विक्टोरिया यूनिवर्सिटी के राजनीतिक विश्लेषक ब्रायस एडवार्ड्स का कहना है कि न्यूजीलैंड के चुनाव के 80 साल के इतिहास में ये बहुत बड़ा बदलाव है। अपनी नीतियों की बदौलत जो पहचान जेसिंडा ने बनाई उसका इनाम जनता ने उन्हें कुछ समय के भीतर दिया है। जेसिंडा के अंदाज का हर कोई कायल है।
50 फीसदी वोट तो बदल जाएगा इतिहास
चुनाव में अगर लेबर पार्टी को 50 फीसदी या इससे अधिक वोट मिलते हैं तो 1951 के बाद इतिहास में ऐसा पहली बार होगा जब किसी पार्टी को इतने बड़े पैमाने पर वोट मिला होगा।
जेसिंडा की लोकप्रियता का ही नतीजा था कि अमेरिकी अखबार न्यूयॉर्क टाइम्स ने अपने संपादकीय में लिखा था ‘अमेरिका को भी जेसिंडा जैसे नेतृत्व की जरूरत है। कोरोना में जेसिंडा का नारा ‘आगे बढ़ते चलो’ भी खूब काम आया है।
सादगी बनी चर्चा का विषय
चुनाव नतीजे आने के बाद ऑर्डन मीडिया के सामने आईं तो उनसे पूछा गया कि बेटी कहां हैं, तो उन्होंने जवाब दिया मेरी दो साल की बेटी सो रही है। इस जीत की खुशी में मैं उसके साथ कुछ वक्त बिताना चाहती हूं।
वहीं दूसरी ओर जेसिंडा के पति क्लार्क गेफॉर्ड घर के बाहर मौजूद मीडियाकर्मियों को खाना बांट रहे थे। इतनी बड़ी जीत हासिल करने के बाद प्रधानमंत्री के परिवार की सादगी भी चर्चा का विषय रही।
35 सीटों पर सिमटी विपक्षी पार्टी
चुनाव आयोग के अनुसार 98.5 फीसदी बैलट की गिनती पूरी होने तक न्यूजीलैंड की विपक्षी नेशनल पार्टी को सिर्फ 27 फीसदी यानी 35 सीटें मिली हैं। इसी तरह ग्रीन पार्टी और एक्ट न्यूजीलैंड पाट को 10-10 सीटें मिली हैं, जबकि माओरी पार्टी को सिर्फ एक सीट ही मिली है। 2017 के आम चुनाव में लेबर पार्टी को सिर्फ 14 सीटें और कुल 36.89 फीसदी वोट ही मिले थे।