फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Japan: पीएम इशिबा देंगे इस्तीफा, अपनों के विरोध के बीच फैसला; सत्ता पर काबिज पार्टी में फूट रोकने की कवायद

Sun, 07 Sep 2025 02:56 PM IST
अभिषेक दीक्षित वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, टोक्यो

सार

जापानी प्रधानमंत्री शिगेरु इशिबा अपनी पार्टी की चुनावी हार के बाद सत्तारूढ़ गठबंधन में फूट को रोकने के लिए इस्तीफा देंगे। उनका यह फैसला पार्टी में जल्द नए नेतृत्व चुनाव पर होने वाली एक अहम बैठक से पहले आया।
विज्ञापन
Shigeru Ishiba - फोटो : ANI
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

जापान के प्रधानमंत्री शिगेरु इशिबा ने रविवार को अपनी पार्टी की ओर से जुलाई में हुए संसदीय चुनाव में करारी हार की जिम्मेदारी लेने की बढ़ती मांग के बाद पद छोड़ने की इच्छा जताई है। उन्होंने खुद संवाददाता सम्मेलन में पीएम पद से इस्तीफा देने की बात कही। ये फैसला ऐसे वक्त लिया गया, जब इशिबा की सरकार ने पिछले ही सप्ताह अमेरिका के साथ व्यापार समझौते को अंतिम रूप दिया था।

विज्ञापन


दरअसल, अक्तूबर में पदभार ग्रहण करने वाले इशिबा ने एक महीने से भी ज्यादा समय तक अपनी ही पार्टी के ज्यादातर दक्षिणपंथी विरोधियों की मांगों का विरोध किया। इशिबा का यह कदम उनकी लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी की ओर से समय से पहले नेतृत्व चुनाव कराने के फैसले से एक दिन पहले आया। अगर इसे मंजूरी मिल जाती है तो यह उनके खिलाफ एक तरह का अविश्वास प्रस्ताव होगा।

हार के बावजूद पद पर बने रहे
इशिबा चुनाव में हार के बावजूद अमेरिकी टैरिफ जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए पद पर बने रहे। इशिबा को जापान के एक महत्वपूर्ण चुनाव में करारी हार का सामना करना पड़ा था। 20 जुलाई को हुए मतदान में इशिबा की सत्तारूढ़ लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी और उसके गठबंधन सहयोगी कोमेइतो को 248 सीटों वाले उच्च सदन में बहुमत नहीं मिला था। वह बहुमत से तीन सीटें दूर रह गए थे। ऐसे में गठबंधन संसद के दोनों सदनों में अल्पमत में आ गया। हालांकि, एलडीपी सबसे बड़ी पार्टी बरकरार रही।
विज्ञापन


पिछले साल निचले सदन के चुनाव में बहुमत खो दिया था
उच्च सदन में मतदान ऐसे समय में हुआ था, जब इशिबा के गठबंधन ने पिछले साल अक्तूबर में हुए निचले सदन के चुनाव में बहुमत खो दिया था। तब से उनकी अलोकप्रिय सरकार को संसद में विधेयक पारित कराने के लिए विपक्ष के आगे झुकना पड़ रहा था। यह सरकार अब तक जापान के पारंपरिक मुख्य खाद्यान्न चावल सहित बढ़ती कीमतों और घटती मजदूरी को रोकने के लिए तुरंत प्रभावी उपाय करने में नाकाम रही है।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें