जापान में बच्चों की जन्मदर पिछले साल के रिकॉर्ड से और नीचे पहुंच गई है। सरकारी प्रवक्ता ने हालात को चिंताजनक करार दिया है। चीफ कैबिनेट सचिव हिरोकाजु मत्सुनो ने वादा किया है कि सरकार युवाओं को विवाह करने व ज्यादा संतानों को जन्म देने के लिए प्रोत्साहित करने के कदम उठाएगी।
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जापान में इस साल जनवरी से सितंबर तक केवल 5,99,636 बच्चों ने जन्म लिया। यह पिछले साल के मुकाबले 4.9 फीसदी कम है। इससे आशंका है कि पूरे साल 2022 में जन्म लेने वाले बच्चों की तादाद पिछले साल के 8,11,000 से भी नीचे पहुंच सकती है। जापान दुनिया की तीसरी बड़ी अर्थव्यवस्था है, लेकिन यहां जीवन-यापन की कीमतें काफी ज्यादा हैं और वेतन बढ़ने की रफ्तार खासी सुस्त। रूढ़िवादी सरकार समाज को बच्चों, महिलाओं और अल्पसंख्यकों के लिए समावेशी बनाने में पिछड़ गई है।
सरकार की ओर से लोगों को संतानें पैदा करने के लिए अब तक दिए गए प्रोत्साहनों का प्रभाव सीमित रहा है। यहां गर्भावस्था, संतान के जन्म और बच्चों की देखभाल के लिए आर्थिक मदद दी जाती है।
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1973 के बाद लगातार घट रही जन्मदर
जापान में वर्ष 1973 में 21 लाख बच्चों ने जन्म लिया था। इसके बाद से यह संख्या लगातार घट रही है। हालात न सुधरे तो इसके 2040 तक केवल 7,40,000 रह जाने की आशंका है। जापान की 12.5 करोड़ जनसंख्या में 14 साल से लगातार गिरावट आ रही है। यह लगातार घट रही है।