चीन के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए जापान के पीएम योशिहिदे सुगा ने वियतनाम के साथ रक्षा एवं सुरक्षा सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई है। गत माह पीएम बनने के बाद सुगा अपने पहले दौरे पर वियतनाम आए हैं। यहां सोमवार को सुगा और मेजबान पीएम गुयेन शुआन फुक में बीच एक समझौता हुआ जिसमें जापान वियतनाम को रक्षा उपकरणों एवं तकनीकों का निर्यात कर सकेगा।
जापान अपने रक्षा उद्योगों को बचाए रखने के लिए चीन के खिलाफ हाल के वर्षों में दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों के साथ रिश्ते बढ़ाने पर जोर दे रहा है। सुगा ने कहा कि उनकी वियतनाम तथा बाद में इंडोनेशिया यात्रा बहुपक्षीय आर्थिक और सुरक्षा सहयोग के लिए खुले व मुक्त हिंद-प्रशांत नजरिए को आगे बढ़ाने के लिए अहम है, ताकि चीन की बढ़ती शक्ति का मुकाबला किया जा सके और दक्षिण चीन सागर के विवादित क्षेत्रों में समुद्री गलियारों की सुरक्षा की जा सके। सुगा ने वियतनाम को जापान का मुख्य सहयोगी बताते हुए कहा कि हम हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति और स्थिरता बनाए रखने में अपना सहयोग देते रहेंगे।
उइगर दमन के विरुद्ध कनाडा में प्रदर्शन
चीन में उइगर मुस्लिमों के क्रूर दमन और कनाडा के दो नागरिकों को हिरासत में लेने के खिलाफ यहां सैकड़ों लोगों ने प्रदर्शन किया और चीनी वाणिज्य दूतावास तक रैली निकाली। विरोध प्रदर्शन के दौरान चीन के खिलाफ नारे लगाए गए। विरोध प्रदर्शन और चीन विरोधी रैली का आयोजन फ्रैंड्स ऑफ कनाडा-भारत के साथ-साथ सात अन्य संगठनों ने किया।
चीन में हिरासत में लिए गए दो कनाडाई नागरिक- माइकल स्पावर और माइकल कोवरिग को छोड़ने की आवाज बुलंद की गई। प्रदर्शनकारियों ने चीनी कम्युनिस्ट पार्टी द्वारा हांगकांग राष्ट्रीय सुरक्षा कानून को लागू करने और चीन में लोगों का उत्पीड़न होने के प्रति विरोध जताया। पदाधिकारी मनिंदर गिल ने चीन के तानाशाही व गैर जिम्मेदाराना कामों की निंदा की। इससे पहले भी वेंकूवर में तिब्बती प्रवासी और भारतवंशियों ने 26 जुलाई को चीन विरोधी प्रदर्शन किया था।