जापान की राजधानी टोक्यो व उसके आसपास आए शक्तिशाली तूफान ने पूरे क्षेत्र में तबाही मचायी। तूफान के कारण यातायात भी बुरी तरह प्रभावित हुआ और टोक्यो के नरीता हवाई अड्डे पर लगभग 17,000 यात्री रात भर फंसे रहे।
एक अधिकारी ने मंगलवार को बताया कि तूफान की वजह से 100 से अधिक उड़ानों को रद्द करना पड़ा क्योंकि हवाई अड्डे से सड़क और रेल संपर्क भी बुरी तरह से प्रभावित हुए।
हवाई अड्डे के प्रवक्ता केई मियाहारा ने बताया कि आधी रात को हवाई अड्डे पर कुल 16,900 लोग फंसे हुए थे। मियाहारा ने बताया कि यात्री अब घर या अपने-अपने गंतव्यों पर जाने लगे हैं क्योंकि बसों और ट्रेनों की आवाजाही शुरू हो गयी है।
टोक्यो के पूर्व में स्थित चिबा का नरीता हवाई अड्डा टायफून फैक्शई की चपेट में आ गया जिससे विमानों का संचालन काफी प्रभावित हुआ। हवा की रफ्तार 207 किलोमीटर प्रति घंटे तक थी।
अधिकारियों के मलबे और क्षति की जांच के चलते टोक्यो महानगरीय क्षेत्र में ट्रेनों को सोमवार सुबह 8 बजे तक नहीं खोला गया। यह तूफान उस समय आया है जब जापान इस महीने के अंत में रग्बी विश्व कप की मेजबानी करने की तैयारी कर रहा है और साथ ही अगले साल होने वाले 2020 टोक्यो ओलंपिक की तैयारियां भी जोरो-शोरो पर हैं।
हवाई अड्डे के अधिकारियों ने कहा कि फंसे हुए यात्रियों को 2,000 बोतल पानी, 19,000 खाने के बैग और 18,000 बेड रोल दिए गए। उन्होंने कहा कि हमने डिजिटल संकेतों पर अंग्रेजी और जापानी में तूफान की जानकारी दी, और चीनी और कोरियाई सहित चार भाषाओं में घोषणाएं की।