जापान का Hayabusa 2 कैप्सूल धरती पर वापस लौटा
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जापान की अंतरिक्ष एजेंसी ने कहा है कि उनकी हेलीकॉप्टर तलाश टीम को वह कैप्सूल मिल गया है, जो अंतरिक्ष से क्षुद्रग्रह (ऐस्टरॉइड) के नमूने लेकर धरती पर लौटा है। वैज्ञानिकों का कहना है कि इन नमूनों से जीवन की उत्पत्ति की व्याख्या हो सकती है। यह कैप्सूल योजना के अनुसार दक्षिणी ऑस्ट्रेलिया के एक दूरदराज इलाके में उतरा है।
कैप्सूल के धरती पर उतरने के करीब चार घंटे बाद अंतरिक्ष एजेंसी ने ट्वीट किया कि उतरने के स्थान से कैप्सूल को हासिल करने का काम पूरा हो गया। हमने आज के दिन के लिए काफी अभ्यास किया था और यह काम सुरक्षित तरीके से संपन्न हो गया।
‘जापान एयरोस्पेस एक्सप्लोरेशन एजेंसी’ ने बताया कि हायाबुसा2 यान ने शनिवार को सफलतापूर्वक एक छोटे कैप्सूल को छोड़ा और उसे पृथ्वी की तरफ भेजा ताकि वह नमूनों को यहां पहुंचा सके। इन नमूनों से सौरमंडल और पृथ्वी पर जीवन की उत्पत्ति के संबंध में जानकारियां मिल सकती हैं। इसके अलावा ऑस्ट्रेलिया स्पेस एजेंसी ने भी कई ट्वीट कर इसकी जानकारी दी है।
यह कैप्सूल रविवार तड़के पृथ्वी से 120 किलोमीटर ऊपर वायुमंडल में पुन: प्रवेश के दौरान कुछ समय के लिए एक फायरबॉल (आग के गोले) में तब्दील हो गया। जमीन से करीब 10 किलोमीटर की दूरी पर एक पैराशूट खुला ताकि इसके गिरने की गति धीमी हो सके और इसे तय स्थान पर उतरने के संकेत मिले।
जापान एयरोस्पेस एक्सप्लोरेशन एजेंसी के वैज्ञानिकों का मानना है कि सैंपल, खासकर ऐस्टरॉइड की सतह से लिए गए सैंपल में मूल्यवान डाटा मिल सकता है। यहां स्पेस रेडिएशन और दूसरे फैक्टर्स का असर नहीं होता है।