उत्तर कोरिया की ओर से अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल (आईसीबीएम) का प्रक्षेपण किए जाने के बाद जापान, दक्षिण कोरिया और अमेरिका ने रविवार को जापान सागर में संयुक्त नौसैनिक मिसाइल रक्षा अभ्यास किया। जापानी मीडिया ने यह खबर दी है। योनहाप समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार यह दुर्लभ संयुक्त रक्षा अभ्यास अंतरराष्ट्रीय जल क्षेत्र में आयोजित किया गया था। तीनों देश इस साल प्योंगयांग के लगातार तनाव के बीच सुरक्षा समन्वय को मजबूत कर रहे हैं। पिछले बुधवार को नॉर्थ कोरिया की ओर से ह्वासोंग-18 ठोस ईंधन आईसीबीएम का प्रक्षेपन करने की खबर आई थी।
संयुक्त नौसैनिक अभ्यास में तीन देशों के एजिस विध्वंसक शामिल थे
दक्षिण कोरिया की नौसेना ने एक बयान में कहा कि रविवार का अभ्यास, जो अंतरराष्ट्रीय जल क्षेत्र में आयोजित किया गया था और इसमें तीन देशों के एजिस विध्वंसक शामिल थे। यह अभ्यास एक कंप्यूटर-सिम्युलेटेड बैलिस्टिक मिसाइल के लक्ष्य का पता लगाने, ट्रैक करने और संबंधित जानकारी साझा करने की प्रैक्टिस करने पर केंद्रित था। इस बीच, मैरीटाइम सेल्फ डिफेंस फोर्स ने एक अलग बयान में कहा कि अभ्यास का उद्देश्य "जापान के आसपास के बढ़ते गंभीर सुरक्षा खतरों के वातावरण के बीच क्षेत्रीय सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए त्रिपक्षीय सहयोग को बढ़ावा देना था।
नॉर्थ कोरिया ने ठोस ईंधन वाले ह्वासोंग-18 आईसीबीएम का किया था परीक्षण
एमएसडीएफ ने विशेष रूप से पिछले सप्ताह उत्तर कोरिया की आर से अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल-श्रेणी के हथियार के प्रक्षेपण पर प्रकाश डाला। प्योंगयांग ने बुधवार को अपने ठोस ईंधन वाले ह्वासोंग-18 आईसीबीएम का परीक्षण किया था। इसके बारे में माना जाता है कि यह महाद्वीपीय अमेरिका के अधिकांश हिस्सों पर 74 मिनट, जो कि उत्तर कोरिया के लिए एक रिेकॉर्ड है में हमला करने में सक्षम है। जो योनहाप समाचार एजेंसी ने दक्षिण कोरियाई नौसेना के एक अधिकारी के हवाले से कहा, "यह अभ्यास बैलिस्टिक मिसाइलों के खिलाफ हमारी सेना की प्रतिक्रिया क्षमताओं को बढ़ाने और दक्षिण कोरिया, संयुक्त राज्य अमेरिका और जापान के बीच सुरक्षा सहयोग में सुधार करने के अवसर के रूप में कार्य करता है।"
अमेरिका ने भी नॉर्थ कोरिया के प्रक्षेपण पर जतायी थी चिंता
सीएनएन की रिपोर्ट के अनुसार, इससे पहले बुधवार को उत्तर कोरिया ने ठोस ईंधन वाली अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल का परीक्षण किया था। उसके कुछ ही दिन पहले प्योंगयांग ने पास के जल क्षेत्र में उड़ रहे अमेरिकी सैन्य टोही विमानों को मार गिराने की धमकी दी थी। यह प्रक्षेपण उत्तर कोरिया की ओर से अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइलों (आईसीबीएम) के कई अन्य हालिया परीक्षणों के बाद किया गया। व्हाइट हाउस की ओर से जारी एक बयान में कहा गया है कि इस प्रक्षेपण से क्षेत्र में सुरक्षा स्थिति अस्थिर होने का खतरा है।