जापान के ब्लैक विडो के रूप में पहचाने जाने वाली 78 वर्षीय सीरियल किलर चिसाको काकेही की मौत की खबर सामने आई है। अधिकारियों ने शुक्रवार को बताया कि हिरासत केंद्र में काकेही की मौत हो गई।
इतने लोगों को बना चुकी थी निशाना
बता दें, उस पर उसके पति समेत तीन अन्य पुरुषों की हत्या और चौथे की हत्या के प्रयास का आरोप था। इसे लेकर सुप्रीम कोर्ट ने उसे मौत की सजा सुनाई थी। हालांकि, अपने बुजुर्ग प्रेमियों को मारने के लिए साइनाइड का इस्तेमाल करने वाली ब्लैक विडो की मौत हो चुकी है।
मौत की वजह साफ नहीं
न्याय मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि ओसाका हिरासत केंद्र में बंद काकेही गुरुवार को अपने सेल में बेहोश मिली थी, जब उसे अस्पताल ले जाया गया तो पता चला कि उसकी मौत हो चुकी है। उन्होंने बताया कि मौत के कारणों का अभी पता नहीं चल पाया है। हालांकि, जापानी मीडिया की माने तो किसी अज्ञात बीमारी की वजह से उसकी जान गई है।
क्या है मामला?
सीरियल किलर महिला ने कथित तौर पर पीड़ितों को साइनाइड से जहर देने के बाद बड़ी बीमा राशि हासिल की थी। उसने 10 सालों में बीमा भुगतान और विरासत में एक अरब येन (उस समय नौ मिलियन डॉलर) जुटा लिए थे। हालांकि बाद में वित्तीय व्यापार में सब धन गंवा दिया था।
क्योटो, ओसाका और ह्योगो में 2007 और 2013 के बीच हुई हत्याओं के लिए उसे 2017 में मौत की सजा सुनाई गई थी। बाद में सजा को 2021 में बरकरार रखा गया था। सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश युको मियाजाकी ने कहा था कि पहले महिला पुरुषों को अपने ऊपर विश्वास दिलाती थी। बाद में उनकी जान लेने के लिए साइनाइड का इस्तेमाल करती थी। यह एक क्रूर अपराध है।
महिला बुजुर्गों या बीमार पुरुषों को निशाना बनाती थी। वह डेटिंग एजेंसियों के जरिए ऐसे लोगों से मुलाकात करती थी, जो अमीर और निःसंतान हों। बाद में उन्हें पूरी तरह अपने विश्वास में ले लेती थी। जब मामला सामने आया तो दो पुरुषों के शरीर से जहर मिला। साथ ही कचरे से साइनाइड भी मिला था। हालांकि, अधिकारियों ने जांच नहीं की क्योंकि उन्हें लगा कि बीमारी की वजह से इन लोगों की जान गई है। बाद में, 75 वर्षीय इसाओ काकेही की भी साइनाइड से मौत का मामला सामने आया, जो वर्तमान में महिला का पति था। तभी पुलिस को शक हुआ और उसे गिरफ्तार कर लिया।