जापान के मियागी तट पर 6.7 तीव्रता के भूकंप ने उत्तरी क्षेत्रों में दहशत फैला दी है। हालांकि सुनामी का कोई खतरा नहीं है, लेकिन रेल सेवाओं के रुकने और लगातार आ रहे झटकों ने प्रशासन को हाई अलर्ट पर रहने को मजबूर कर दिया है। प्रशासन ने यात्रियों से स्थानीय अधिकारियों के निर्देशों का पालन करने और भूकंप संभावित क्षेत्रों में अतिरिक्त सावधानी बरतने को कहा है।
जापान के मियागी क्षेत्र में शुक्रवार को आए शक्तिशाली भूकंप ने पूरे उत्तरी इलाके को हिलाकर रख दिया है। रिक्टर पैमाने पर 6.7 की तीव्रता वाले इस भूकंप के बाद जापान सरकार ने एहतियात के तौर पर पांच प्रान्तों में आपातकालीन चेतावनी जारी की है। हालांकि, राहत की बात यह है कि अधिकारियों ने फिलहाल सुनामी के किसी तत्काल खतरे से इनकार किया है।
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जापानी अधिकारियों ने इस भूकंप की तीव्रता को अपने 1-7 के तीव्रता पैमाने पर पांच दर्ज किया है। स्थानीय समयानुसार यह भूकंप रात 8:22 बजे आया, जिसका केंद्र मियागी प्रान्त के तट के पास जमीन से करीब 43 किमी की गहराई पर था। अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (यूएसजीएस) ने शुरुआत में इसकी तीव्रता 6.6 बताई थी, जिसे बाद में संशोधित कर 6.7 कर दिया गया।
सुरक्षा अलर्ट के बाद परिवहन सेवाएं बाधित
भूकंप के तुरंत बाद सुरक्षा कारणों से जेआर ईस्ट ने टोक्यो और शिन-ओमोरी स्टेशनों के बीच हाई-स्पीड रेल सेवा को निलंबित कर दिया। 'जापान टाइम्स' की रिपोर्ट के अनुसार, मियागी के टोम, ओसाकी और इशिनामाकी शहरों में झटके काफी तेज महसूस किए गए। फिलहाल किसी बड़े नुकसान या जानमाल की हानि की रिपोर्ट नहीं मिली है, लेकिन प्रशासन स्थिति पर करीब से नजर बनाए हुए है।
लगातार झटकों से बढ़ी चिंता
जापान में हाल के दिनों में यह दूसरी बड़ी भूकंपीय घटना है। इससे पहले 20 अप्रैल को उत्तरी जापान में 7.7 तीव्रता का भीषण भूकंप आया था, जिसके बाद सुनामी की चेतावनी जारी की गई थी। उस घटना के बाद से ही अंतरराष्ट्रीय ट्रैवल एजेंसियों और ब्रिटेन के विदेश कार्यालय ने जापान की यात्रा करने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी थी। प्रशासन ने यात्रियों से स्थानीय अधिकारियों के निर्देशों का पालन करने और भूकंप संभावित क्षेत्रों में अतिरिक्त सावधानी बरतने को कहा है।