चुनाव को पीएम शिगेरु इशिबा की सरकार के लिए जनमत जुटाने के तौर पर देखा जा रहा है। हालांकि विभिन्न पोल सर्वे में दावा किया गया है कि सत्तारूढ़ डेमोक्रेटिक पार्टी कोमीतो ब्लॉक निचले सदन में बहुमत से दूर रह जाएगा। अगर ऐसा होता है तो बीते 15 साल में यह पहली बार होगा, जब लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी बहुमत से दूर रहेगी।
जापान के निचले सदन यानी प्रतिनिधि सभा के लिए मतदान रविवार को शुरू हुआ। जापान में जारी आर्थिक अनिश्चितता, विदेश मामलों की चुनौती और राजनीतिक अस्थिरता के हालात में ये चुनाव बेहद अहम माने जा रहे हैं। जापान के निचले सदन में बहुमत हासिल करने पर सत्तारूढ़ डेमोक्रेटिक पार्टी कोमीतो ब्लॉक का पूरा ध्यान केंद्रित है।
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पीएम पद संभालते ही पीएम इशिबा ने कर दिया था चुनाव का एलान
जापान में सत्ताधारी दल का अध्यक्ष ही प्रधानमंत्री बनता है। बीते दिनों फुमियो की जगह शिगेरु इशिबा को सत्ताधारी पार्टी एलडीपी (लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी) का अध्यक्ष चुना गया था। हालांकि एलडीपी का जापान के दोनों सदनों में बहुमत है और जापान में साल 2025 में चुनाव होने थे, लेकिन इशिबा ने पीएम पद संभालते ही चुनाव का एलान कर दिया। इस चुनाव को पीएम शिगेरु इशिबा की सरकार के लिए जनमत जुटाने के तौर पर देखा जा रहा है। हालांकि विभिन्न पोल सर्वे में दावा किया गया है कि सत्तारूढ़ डेमोक्रेटिक पार्टी कोमीतो ब्लॉक निचले सदन में बहुमत से दूर रह जाएगा। अगर ऐसा होता है तो बीते 15 साल में यह पहली बार होगा, जब लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी बहुमत से दूर रहेगी।
एलडीपी पार्टी के शीर्ष नेतृत्व पर भ्रष्टाचार के आरोप लगे थे। जिससे जनता में एलडीपी नेतृत्व के प्रति थोड़ी नाराजगी है। चुनाव प्रचार के दौरान पीएम शिगेरु इशिबा ने कहा कि अभी भी जपान में प्रशासन के लिहाज से एलडीपी की सबसे सही पार्टी है। इशिबा ने कहा कि हम देश को विपक्ष के हाथों में छोड़ने का खतरा नहीं ले सकते क्योंकि उन्हें ये नहीं पता है कि अर्थव्यवस्था, संविधान और सामाजिक सुरक्षा के स्तर पर क्या कदम उठाने हैं।
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सत्ताधारी एलडीपी को हो सकता है नुकसान
चुनाव में सत्ताधारी एलडीपी का मुकाबला कॉन्स्टिट्यूशन डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ जापान से हो रहा है। साथ ही कंजर्वेटिव जापान इनोवेशन पार्टी भी मुख्य प्रतिद्वंदी है। संसद की 465 सीटों में से एलडीपी सांसदों की संख्या 258 है और यह पार्टी साल 2009 से सत्ता पर काबिज है। कॉन्स्टिट्यूशन डेमोक्रेटिक पार्टी के सांसदों की संख्या 99 है। वहीं कंजर्वेटिव जापान पार्टी के सांसदों की संख्या 45 है। अभी भी पलड़ा एलडीपी का ही भारी है। निचले सदन में बहुमत के लिए किसी भी पार्टी को 288 सीटें चाहिए। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, कॉन्स्टिट्यूशन डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ जापान को 140 सीटें मिल सकती हैं। वहीं एलडीपी को 50 सीटों का नुकसान होने की आशंका है और वह 247 सीटें जीत सकती है।