फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Moon Mission: क्वाड में भारत के इस साथी के चंद्र मिशन में लगातार आ रही रुकावटें, तीसरी बार टली लॉन्चिंग

Mon, 28 Aug 2023 09:23 AM IST
नितिन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, टोक्यो

सार

रॉकेट तैयार करने वाली मित्सुबिशी हैवी इंडस्ट्रीज लिमिटेड ने अभी तक कोई बयान जारी नहीं किया है और ना ही लॉन्चिंग की अगली तारीख का एलान किया है।
विज्ञापन
खराब मौसम के चलते टली लॉन्चिंग - फोटो : सोशल मीडिया
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

जापान का चंद्र मिशन एक बार फिर सोमवार को निलंबित कर दिया गया। दरअसल खराब मौसम के चलते तीसरी बार ऐसा हुआ है, जब जापान को अपने चंद्रमा मिशन की लॉन्चिंग रोकनी पड़ी है। सोमवार को जापान के चंद्रमा मिशन को उड़ान भरनी थी लेकिन उड़ान भरने से 30 मिनट पहले ही मिशन को रोकने का फैसला किया गया क्योंकि लॉन्चिंग के लिए मौसम सहीं नहीं था। अब अगली लॉन्चिंग कब होगी, यह तय नहीं है। 
विज्ञापन


खराब मौसम के चलते टालनी पड़ी लॉन्चिंग
जापान की अंतरिक्ष एजेंसी 'जाक्सा' अपने सबसे विश्वसनीय हैवी पेलोड रॉकेट से एक एडवांस इमेजिंग सैटेलाइट और एक हल्के वजनी लैंडर को चांद पर भेजनी वाली थी। जापान के इस मिशन को 'स्मार्ट लैंडर फॉर इनवेस्टिंगेटिंग मून' यानी स्लिम कहा जा रहा है। इसकी सटीकता की वजह से इसे मून स्नाइपर भी कहा जा रहा है। मिशन के मुताबिक जापान का लैंडर जनवरी में चांद की सतह पर लैंड करता लेकिन खराब मौसम के चलते यह लॉन्चिंग टालनी पड़ी। इससे पहले शनिवार की सुबह मिशन को लॉन्च किया जाना था लेकिन खराब मौसम के चलते इसे रविवार के लिए टाल दिया गया और फिर सोमवार के लिए, लेकिन सोमवार को भी जब मौसम अनुकूल नहीं रहा तो जापानी अंतरिक्ष एजेंसी ने फिलहाल मिशन को टालने का फैसला किया है। 



अगली तारीख का अभी तक नहीं किया एलान
रॉकेट तैयार करने वाली मित्सुबिशी हैवी इंडस्ट्रीज लिमिटेड ने अभी तक कोई बयान जारी नहीं किया है और ना ही लॉन्चिंग की अगली तारीख का एलान किया है। जापान यदि चांद की सतह पर सॉफ्ट लैंडिंग कराने में सफल रहा तो वह ऐसा करने वाला भारत के बाद पांचवां देश बन जाएगा। बता दें कि बीते हफ्ते ही रूस का लूना-25 मिशन चांद की सतह पर सॉफ्ट लैंडिंग में विफल रहा था। हालांकि भारत के चंद्रयान-3 मिशन ने सफलतापूर्वक लैंडिंग करके इतिहास रच दिया। बता दें कि अमेरिका, रूस, चीन और हाल ही में भारत चांद की सतह पर सफल लैंडिंग कर चुके हैं। 
विज्ञापन
विज्ञापन

 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें