Michibiki 6: जापान ने अपने नए एच3 रॉकेट के जरिए मिचिबिकी-6 उपग्रह को लॉन्च किया, ताकि देश अपनी सटीक स्थिति निर्धारण प्रणाली विकसित कर सके। जापान 2026 तक सात उपग्रहों का नेटवर्क तैयार करने की योजना बना रहा है और 2030 तक इसका 11 उपग्रहों को जोड़ने का लक्ष्य है।
जापान ने अपने नए एच3 रॉकेट के जरिए एक नेविगेशन उपग्रह लॉन्च किया, ताकि देश खुद की स्थिति तय करने के लिए एक सटीक प्रणाली बना सके। मिचिबिकी-6 उपग्रह को ले जाने वाले एच3 रॉकेट ने दक्षिण-पश्चिमी जापानी द्वीप पर दनेगाशिमा अंतरिक्ष केंद्र से उड़ान भरी और करीब 29 मिनट बाद उपग्रह को रॉकेट से अलग कर दिया गया। जापानी अंतरिक्ष एजेंसी ने रविवार को यह जानकारी दी।
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अधिकारियों ने बताया कि करीब दो हफ्ते में यह उपग्रह अपने लक्षित भू-स्थानिक कक्षा तक पहुंचने की उम्मीद है।यह जापान के अंतरिक्ष कार्यक्रम की बड़ी कामयाबी है, क्योंकि यह खुद की सटीक स्थान निर्धारण प्रणाली विकसित कर रहा है। जापान के पास अभी क्वासी-जेनीथ उपग्रह प्रणाली (क्यूजेडएसएस) है, जिसमें चार उपग्रह हैं। मिचिबिकी-6 इस नेटवर्क का पांचवां उपग्रह होगा।
मिचिबिकी उपग्रह से मिलने वाले सिग्नल अमेरिका की जीपीएस प्रणाली को और सटीक बनाने में मदद करेगी, जिससे स्मार्टफोन, वाहन, जहाज और ड्रोन में और सटीक लोकेशन मिल सकेगी।
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जापान की 2026 तक अपनी प्रणाली में दो और नेविगेशन उपग्रहों को लॉन्च करने की योजना बना रहा है, ताकि उसके पास सात उपग्रहों का नेटवर्क हो, जिससे उसे अपनी स्थिति निर्धारण क्षमता को सुधार करने में विदेशी सेवाओं पर निर्भर न रहना पड़े। जापान का लक्ष्य 2030 के अंत तक 11 नेविगेशन उपग्रहों का नेटवर्क तैयार करना है।
खराब मौसम के कारण इस लॉन्च में एक दिन की देरी हुई। यह लॉन्च पिछले साल एक पहले असफल प्रयास के बाद एच3 प्रणाली के लिए लगातार चौथी कामयाब उड़ान थी, जब रॉकेट को उसके पेलोड के साथ नष्ट करना पड़ा था। जापान अंतरिक्ष परिवहन में स्थिरता और प्रतिस्पर्धा को अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा और अंतरिक्ष कार्यक्रम की सफलता के लिए महत्वपूर्ण मानता है।