संयुक्त बयान में कहा गया है, नए तटरक्षक कानून से चीन की जबरन एकतरफा कार्रवाई या अस्थिरता से पूर्वी चीन सागर में तनाव बढ़ने और यथास्थिति में बदलाव की आशंका है, जिसका हम पुरजोर विरोध करते हैं।
एशिया प्रशांत के विवादित क्षेत्र में चीन के बढ़ते दबदबे को लेकर जापान और ऑस्ट्रेलिया के रक्षा एवं विदेश मंत्रियों ने अपने सुरक्षा रिश्तों को और मजबूत करने पर सहमति व्यक्त की। दोनों देशों ने चीन के दमनकारी तटरक्षक कानून पास करने पर गंभीर चिंता जताई है। साथ ही इसे अंतरराष्ट्रीय कानून के और अनुरूप बनाने का आह्वान किया है।
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दोनों देशों के नेताओं के टू प्लस टू वर्चुअल वार्ता के बाद जारी एक संयुक्त बयान में जापान और ऑस्ट्रेलिया ने चीन के शिनजियांग में उइगर और अन्य मुस्लिम समुदायों के मानवाधिकारों को कुचलने पर भी चिंता जताई है।
संयुक्त बयान में कहा गया है कि हमने पूरे ताइवान जलडमरूमध्य में स्थिरता और शांति पर जोर दिया है। साथ ही हम उस पूरे सागर क्षेत्र के मुद्दे का शांतिपूर्ण समाधान चाहते हैं। दोनों देशों ने हांगकांग और चीन के अधिकारियों से आग्रह किया कि वे हांगकांग के नागरिकों के लिए अपनी प्रतिबद्धता बनाए रखें।
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पूर्वी और दक्षिण चीन सागर में चीन की गतिविधियों पर दोनों देशों ने चिंता साझा की है। यह अंतराष्ट्रीय समुदाय के लिए एक चुनौती है। - तोशिमित्सु मोतेगी, जापान के विदेशमंत्री