अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जेक सुलिवन ने बुधवार को ईरान-इस्राइल तनाव पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि आज ईरान ने इस्राइल में लगभग 200 बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। इस हमले के खिलाफ इस्राइल की रक्षा में मदद करने के लिए संयुक्त राज्य अमेरिका की सेना ने इस्राइली रक्षा बलों के साथ निकटता से समन्वय किया। अमेरिकी नौसैनिक विध्वंसक भीतर की ओर आने वाली मिसाइलों को मार गिराने के लिए इंटरसेप्टर फायरिंग में इजरायली वायु रक्षा इकाइयों में शामिल हो गए हैं। राष्ट्रपति बाइडन और उपराष्ट्रपति हैरिस ने व्हाइट हाउस सिचुएशन रूम से हमले और प्रतिक्रिया की निगरानी की।
जेक सुलविन ने एक प्रेस वार्ता के दौरान कहा, हम हमले के प्रभाव का आकलन करने के लिए अभी भी आईडीएफ और इस्राइल में अधिकारियों के साथ काम कर रहे हैं। लेकिन इस समय, हमें इस्राइल में किसी भी मौत की जानकारी नहीं है। हम वेस्ट बैंक के जेरिको में एक फलस्तीनी नागरिक की कथित मौत पर नजर रख रहे हैं। हमें इस्राइल में विमान या रणनीतिक सैन्य संपत्तियों को किसी नुकसान की जानकारी नहीं है... ऐसा प्रतीत होता है कि यह हमला विफल और अप्रभावी रहा है। यह सबसे पहले और सबसे महत्वपूर्ण आईडीएफ की व्यावसायिकता का परिणाम था, लेकिन अमेरिकी सेना के कुशल काम और पूर्वानुमान में सावधानीपूर्वक योजना बनाने के कारण भी यह संभव हुआ।
आगे उन्होंने कहा कि हम आज जाफा में एक आतंकवादी हमले की रिपोर्टों से भी अवगत हैं, जिसमें कई इस्राइली नागरिकों की जान चली गई और कई अन्य घायल हो गए। हमारी संवेदनाएं पीड़ितों के परिवारों और जेरिको में फलस्तीनी नागरिकों के परिवार के प्रति हैं। हम अधिक जानकारी इकट्ठा करने के साथ-साथ आवश्यकतानुसार संशोधन और समायोजन करने का अधिकार सुरक्षित रखते हैं...यह एक विकट स्थिति है। हम प्रतिक्रिया के संदर्भ में अगले कदमों और ईरान ने जो किया है, उससे निपटने के तरीके पर इस्राइल के साथ परामर्श करेंगे। हम ईरान और उसके प्रतिनिधियों से आगे के खतरों और हमलों की निगरानी करना जारी रखेंगे। हम विशेष रूप से अमेरिकी सेवा सदस्यों की सुरक्षा पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं।
इस बीच, ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने कहा, 'इस ऑपरेशन में, इस्माइल हानिया और हसन नसरल्ला के खिलाफ हत्या की साजिश रचने वाले केंद्रों के साथ-साथ हिजबुल्ला, इस्लामिक रेजिस्टेंस ऑफ फलस्तीन (आईआरजीसी) के सैन्य कमांडरों को निशाना बनाया गया। आईआरजीसी ने इस्राइल के खिलाफ आज के सैन्य अभियान का नाम 'ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस' घोषित किया।
वहीं, इस्राइली रक्षा बलों ने मंगलवार रात को येरुसलम में दागी गईं सैकड़ों ईरानी मिसाइलों की फुटेज जारी की। आईडीएफ ने कहा कि उसने ईरान से लॉन्च की गई 180 बैलिस्टिक मिसाइलों में से बड़ी संख्या को रोक दिया। आईडीएफ ने कहा कि हिजबुल्ला इस बात से परेशान है कि आईडीएफ ने इस्राइल के नरसंहार की उनकी योजना को उजागर कर दिया है, इसलिए उन्होंने रॉकेटों की बौछार करके निर्दोष नागरिकों को निशाना बनाने का फैसला किया।