इससे पहले कनाडा द्वारा केंद्रीय मंत्री अमित शाह के ऊपर लगाए गए आरोप चिंताजनक हैं। कनाडा के डिप्टी विदेश मंत्री डेविड मोरीसन ने अमेरिकी मीडिया की एक लीक रिपोर्ट की पुष्टि की थी, जिसमें बताया गया था कि अमित शाह कनाडा में सिख अलगाववादियों को निशाना बनाने के अभियान के पीछे थे।
भारत द्वारा सिख अलगाववादियों को निशाना बनाए जाने पर भारत और अमेरिका के बीच तनाव का माहौल पैदा हो गया है। इस तनाव के बीच अमेरिका के सुरक्षा सलाहकार जेक सुलिवन ने अपने भारतीय समकक्ष अजीत डोभाल से फोन पर बात की। इस दौरान दोनों ने क्षेत्रीय सुरक्षा विकास और रक्षा सहयोग समेत द्विपक्षीय मुद्दों पर चर्चा की। व्हाइट हाउस ने बुधवार को बताया कि दोनोंदेशों के सुरक्षा सलाहकारों के बीच भारत-प्रशांत क्षेत्र और वैश्विक स्तर पर स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए अन्य प्रयासों पर भी चर्चा हुई।
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व्हाइट हाउन ने कहा, "उन्होंने (भारत) ने द्विपक्षीय साझेदारी में विकास का स्वागत किया। इसमें क्रिटिकल एंड इमर्जिंग टेक्नोलॉजी (आईसीईटी) इंटरसेशनल और हिंद महासागर संवाद पर आगामी पहल भी शामिल है। उन्होंने स्वच्छ ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला और रक्षा सहयोग समेत प्रमुख क्षेत्रों में निकट सहयोग के अवसरों पर भी चर्चा की।" दोनों नेताओं ने बुधवार को फोन पर बात की।
कनाडा सरकार ने लगाया अमित शाह पर आरोप
इससे पहले कनाडा द्वारा केंद्रीय मंत्री अमित शाह के ऊपर लगाए गए आरोप चिंताजनक हैं। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता मैथ्यू मिलर ने कहा, "कनाडाई सरकार द्वारा लगाए गए आरोप चिंताजनक है और हम इसे लेकर कनाडाई सरकार से बात कर रहे हैं।" कनाडा के डिप्टी विदेश मंत्री डेविड मोरीसन ने अमेरिकी मीडिया की एक लीक रिपोर्ट की पुष्टि की थी, जिसमें बताया गया था कि अमित शाह कनाडा में सिख अलगाववादियों को निशाना बनाने के अभियान के पीछे थे। इस पर किए गए सवाल का जवाब देते हुए मोरीसन ने कहा कि उन्होंने मीडिया रिपोर्ट में अमित शाह के नाम की पुष्टि की थी। उन्होंने कहा, "एक पत्रकार मेरे पास आया और मुझसे पूछा कि यह वही व्यक्ति है या नहीं। मैंने इसकी पुष्टि की।"
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भारत-चीन सीमा विवाद पर भी अमेरिका ने दी प्रतिक्रिया
अमेरिका की तरफ से बताया गया कि वह भारत-चीन सीमा पर किसी भी तरह के तनाव के कम होने का स्वागत करता है और इस मामले में उसे दिल्ली की तरफ से जानकारी भी मिली है।मिलर ने कहा, "हम इसपर करीब से नजर बनाए हुए हैं। हम जानते हैं कि दोनों देशों ने वास्तविक नियंत्रण रेखा से सैनिकों को हटाने के लिए प्रारंभिक कदम उठाए हैं। हम सीमा पर किसी भी तरह के तनाव के कम होने का स्वागत करते हैं।" उन्होंने बताया कि अमेरिका ने भारत-चीन सीमा विवाद पर कोई भूमिका नहीं निभाई है।