विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने संयुक्त अरब अमीरात की शीर्ष नेतृत्व से मुलाकात कर भारत-यूएई संबंधों को और मजबूत करने की दिशा में अहम पहल की है। इन बैठकों में आर्थिक सहयोग, रक्षा साझेदारी और रणनीतिक संवाद को आगे बढ़ाने पर व्यापक चर्चा हुई। यह दौरा ऐसे समय में हुआ है, जब भारत और यूएई के रिश्ते तेजी से बहुआयामी रूप ले रहे हैं और क्षेत्रीय व वैश्विक स्तर पर दोनों देशों की भूमिका अहम मानी जा रही है।
विदेश मंत्री जयशंकर तीन दिन तक चले सिर बनी यास फोरम 2025 में हिस्सा लेने के बाद सोमवार को अबू धाबी पहुंचे। यहां उन्होंने यूएई के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री शेख अब्दुल्ला बिन जायद अल नाहयान के साथ 16वीं संयुक्त आयोग बैठक और पांचवें रणनीतिक संवाद की सह-अध्यक्षता की। इस दौरान दोनों देशों के बीच सहयोग के मौजूदा ढांचे की समीक्षा की गई और भविष्य की प्राथमिकताओं पर सहमति बनी।
आर्थिक और रक्षा सहयोग पर जोर
जयशंकर ने यूएई के उपराष्ट्रपति शेख मंसूर बिन जायद बिन सुल्तान अल नाहयान से मुलाकात की। इस बैठक में आर्थिक सहयोग को गहरा करने और रक्षा क्षेत्र में साझेदारी बढ़ाने पर विशेष चर्चा हुई। विदेश मंत्री ने इसे बेहद उपयोगी बातचीत बताया और कहा कि दोनों देश आपसी विश्वास के आधार पर आगे बढ़ रहे हैं। रक्षा और सुरक्षा के क्षेत्र में सहयोग को क्षेत्रीय स्थिरता के लिए अहम माना गया।
ये भी पढ़ें- बांग्लादेश में आम चुनाव से पहले बढ़ी चौकसी, गुप्त हमलों की आशंका से सतर्क हुआ चुनाव आयोग
निवेश और भू-आर्थिक हालात पर बातचीत
विदेश मंत्री जयशंकर ने मुबादला इन्वेस्टमेंट कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी खालदून खलीफा अल मुबारक से भी मुलाकात की। मुबादला अबू धाबी सरकार की प्रमुख संप्रभु निवेश कंपनी है। इस बातचीत में वैश्विक भू-आर्थिक स्थिति पर विचार साझा किए गए और भारत-यूएई आर्थिक संबंधों को और मजबूत करने की जरूरत पर जोर दिया गया। जयशंकर ने भारत में उभरते निवेश अवसरों की जानकारी भी दी।
रणनीतिक संवाद को मिली नई दिशा
भारत और यूएई के बीच हुए रणनीतिक संवाद में व्यापार, निवेश, ऊर्जा, तकनीक और रक्षा जैसे क्षेत्रों में सहयोग को आगे बढ़ाने पर सहमति बनी। दोनों देशों ने माना कि मौजूदा वैश्विक हालात में एक-दूसरे के साथ तालमेल और मजबूत करना जरूरी है। यह संवाद भारत-यूएई व्यापक रणनीतिक साझेदारी को और ठोस बनाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
अगला पड़ाव इस्राइल यात्रा
यूएई दौरे के बाद विदेश मंत्री जयशंकर मंगलवार को इस्राइल की यात्रा पर जाएंगे। वहां वे अपने समकक्ष गिडिओन सआर के साथ द्विपक्षीय बातचीत करेंगे। इसके अलावा जयशंकर की इस्राइल के राष्ट्रपति आइजक हर्ज़ोग और प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से भी मुलाकात तय है। इस्राइल दौरे में क्षेत्रीय सुरक्षा और द्विपक्षीय सहयोग के मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है।
जयशंकर का यह दौरा भारत की सक्रिय और संतुलित विदेश नीति को दर्शाता है। यूएई जैसे अहम साझेदार के साथ रिश्तों को और मजबूत करना भारत की प्राथमिकता है। आर्थिक निवेश से लेकर रक्षा सहयोग और रणनीतिक संवाद तक, यह यात्रा भारत की वैश्विक भूमिका को और सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
अन्य वीडियो-