विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने व्हाइट हाउस में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) जेक सुलिवन से मुलाकात की। इस दौरान दोनों नेताओं ने भारत-अमेरिका रणनीतिक साझेदारी की प्रगति पर व्यापक चर्चा की। जयशंकर ने खासतौर पर सुलिवन से हुई बातचीत में क्षेत्रीय और वैश्विक विकास पर जोर दिया। उन्होंने शांति के महत्व पर बल देते हुए इसे कारोबार के लिहाज से जरूरी बताया।
जयशंकर वर्तमान में अमेरिका की आधिकारिक यात्रा पर हैं। इस दौरान उनका अपने अमेरिकी समकक्ष एंटनी ब्लिंकन और निवर्तमान राष्ट्रपति जो बाइडन के प्रशासन के अन्य वरिष्ठ सदस्यों से मिलने का कार्यक्रम है। उन्होंने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, भारत-अमेरिका रणनीतिक साझेदारी की प्रगति पर व्यापक चर्चा हुई। साथ ही मौजूदा क्षेत्रीय-वैश्विक घटनाक्रमों पर विचारों का आदान-प्रदान किया गया। उन्होंने जेक सुलिवन से द्विपक्षीय रणनीतिक संबंधों को और आगे बढ़ाने तथा कारोबार में हितों का लाभ हासिल करना जरूरी बताया।
ब्लिंकन के साथ द्विपक्षीय साझेदारी की प्रगति को लेकर की समीक्षा
विदेश मंत्री एसं जयशंकर ने वाशिंगटन डीसी में अमेरिकी समकक्ष एंटनी ब्लिंकन के साथ में पिछले चार वर्षों के दौरान भारत-अमेरिका साझेदारी की प्रगति की समीक्षा की। दोनों नेताओं ने इस बात पर सहमति जताई कि कई क्षेत्रों में सहयोग मजबूत हुआ है। जयशंकर ने विश्वास जताया कि भारत और अमेरिका के बीच संबंध आपसी हितों और वैश्विक भलाई के लिए आगे भी काम करेंगे।
उन्होंने कहा, हमारा सहयोग कई क्षेत्रों में मजबूत हुआ है। इसमें सहज स्तर में सुधार होना भी शामिल है। अपनी यात्रा के दौरान, उन्होंने अमेरिका में भारत के राजदूत विनय क्वात्रा और न्यूयॉर्क, शिकागो, सान फ्रांसिस्को, सिएटल, ह्यूस्टन और अटलांटा में स्थित महावाणिज्य दूत से मुलाकात भी की। उन्होंने प्रौद्योगिकी, व्यापार और निवेश पर ध्यान केंद्रित करते हुए भारत-अमेरिका साझेदारी को गहरा करने के अवसरों पर चर्चा की। जयशंकर ने कहा, उन्होंने अमेरिका में भारतीय समुदाय की बेहतर सेवा पर भी विचार साझा किए।
आगामी ट्रंप प्रशासन के वरिष्ठ नेतृत्व के साथ भी करेंगे बैठकें
सुलिवन ने कहा, भारत न सिर्फ बाइडन प्रशासन में बल्कि आगे भी अमेरिका के लिए सबसे अहम साझेदार रहेगा। उन्होंने क्वाड और आई2यू2 जैसे गठबंधनों के माध्यम से एक-दूसरे के साथ हिंद-प्रशांत क्षेत्र में साझेदारी पर विशेष जोर दिया। व्हाइट हाउस ने कहा, दोनों नेताओं ने आपसी रिश्तों की प्रगति को आईटी, एआई, जलवायु परिवर्तन जैसे मुद्दों से जोड़ना जरूरी बताया। विदेश मंत्री जयशंकर की नवनिर्वाचित डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन के वरिष्ठ नेतृत्व के साथ बैठकें करने की भी संभावना है। शीर्ष भारतीय राजनयिक 24 दिसंबर से 29 दिसंबर तक अपनी मौजूदा अमेरिकी यात्रा के दौरान भारत के महावाणिज्यदूतों के एक सम्मेलन की अध्यक्षता भी करेंगे।