विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कश्मीर पर भारत और पाकिस्तान के बीच तीसरे पक्ष की मध्यस्थता की हर गुंजाइश को स्पष्ट रूप से खारिज करते हुए कहा है कि भारत का रुख दशकों से स्पष्ट रहा है और इस मामले पर कोई भी बातचीत द्विपक्षीय ही होगी। जयशंकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ संयुक्त राष्ट्र के वार्षिक महासभा सत्र में भाग लेने के बाद रविवार रात न्यूयार्क से यहां पहुंचे।
जयशंकर ने अनुच्छेद 370 हटाने के बाद भारत और पाकिस्तान को साथ जोड़ने पर आपत्ति जताई। जयशंकर ने कहा, ‘आप एक ऐसे देश को कैसे साथ जोड़कर देख सकते हो, जो हमारी अर्थव्यवस्था का आठवां हिस्सा है। जो छवि के हिसाब से हमसे एकदम विपरीत है।’
अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पियो के साथ बैठक के बाद जयशंकर ने कहा कि दोनों देश व्यापार मुद्दों को लेकर प्रयास कर रहे हैं। दोनों देशों के बीच अच्छे संबंधों के लिए यह महत्वपूर्ण है कि इस दिशा में कुछ नतीजे जल्द से जल्द दिखाई पड़े। दोनों देशों के बीच व्यापार से जुड़ी दिक्कतों को दूर करने पर चर्चा की जा रही है।
जयशंकर ने ‘हाउडी मोदी’ कार्यक्रम में पीएम नरेंद्र मोदी के ‘अबकी बार ट्रंप सरकार’ नारे पर भी सफाई दी। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी ने ह्यूस्टन रैली में जो नारा दिया था, वह पिछली बार राष्ट्रपति चुनाव प्रचार के दौरान ट्रंप ने भारतीय-अमेरिकी समुदाय का प्यार हासिल करने के लिए दिया था। उसी को मोदी ने दोहराया। जयशंकर ने इस बात को सिरे से नकार दिया कि पीएम मोदी ने 2020 के चुनाव अभियान के लिए ट्रंप की उम्मीदवारी का समर्थन करने के लिए ऐसा कहा था। हमें बातों का गलत अर्थ नहीं निकालना चाहिए।
अमेरिका में हाउडी मोदी में प्रधानमंत्री के ‘अबकी बार ट्रंप सरकार’ वाले बयान पर विपक्ष का हमला कम नहीं हो रहा है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने मंगलवार को जयशंकर के बयान के बाद ट्वीट किया, ‘हमारे पीएम की अक्षमता को छिपाने के लिए आपका धन्यवाद मिस्टर जयशंकर। उनके (मोदी के) चापलूसी भरे समर्थन की वजह से डेमोक्रेटिक पार्टी के भीतर भारत के लिए गंभीर समस्याएं पैदा हो गई हैं। मुझे आशा है कि आपके दखल से इसका पटाक्षेप हो जाएगा। बतौर विदेश मंत्री आप उन्हें थोड़ा बहुत डिप्लोमेसी (कूटनीति) के बारे में भी सिखाएं।’