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Jaishankar In Canada: जी7 बैठक के दौरान गुटेरेस से मिले जयशंकर, वैश्विक हालात और भारत की भूमिका पर अहम चर्चा

Fri, 14 Nov 2025 10:23 AM IST
शुभम कुमार वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, टोरंटो

सार

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने न्यूयॉर्क में यूएन महासचिव एंटोनियो गुटेरेस से मुलाकात कर वैश्विक हालात, क्षेत्रीय तनाव और बहुपक्षीय व्यवस्था पर बातचीत की। जयशंकर ने भारत के विकास को लेकर गुटेरेस के समर्थन की सराहना की और उनके संभावित भारत दौरे का स्वागत करने की बात कही।

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विदेश मंत्री एस जयशंकर और यूएन महासचिव एंटोनियो गुटेरेस - फोटो : ANI
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विस्तार
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भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस से मुलाकात की। दोनों नेताओं के बीच मौजूदा वैश्विक हालात, क्षेत्रीय तनावों और बहुपक्षीय व्यवस्था की भूमिका पर चर्चा हुई। इस बात की जानकारी विदेश मंत्री एस जयशंकर ने दी। उन्होंने उन्होंने गुटेरेस की वैश्विक घटनाक्रम पर राय को महत्व दिया और भारत के विकास को लेकर उनके समर्थन के लिए धन्यवाद दिया। साथ ही गुटेरेस के भारत दौरे

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की संभावनाओं पर जयशंकर ने कहा कि वह जल्द ही गुटेरेस का भारत में स्वागत करने की उम्मीद करते हैं। यह बैठक कनाडा की अध्यक्षता में हो रही G7 विदेश मंत्रियों की बैठक के दौरान हुई, जिसमें भारत को विशेष आमंत्रित देश के रूप में शामिल किया गया है।

ऊर्जा सुरक्षा और महत्वपूर्ण खनिजों पर भारत का पक्ष
बता दें कि जी7 आउटरीच बैठक में जयशंकर ने ऊर्जा सुरक्षा और महत्वपूर्ण खनिजों पर भारत की सोच साझा की। उन्होंने कहा कि दुनिया को सप्लाई चेन में निर्भरता कम करने और उसे अधिक मजबूत बनाने की जरूरत है। जयशंकर ने यह भी कहा कि नीतिगत बातचीत अच्छी है, लेकिन असली बदलाव तभी होगा जब इन नीतियों को जमीन पर लागू किया जाए। भारत इस दिशा में अंतरराष्ट्रीय सहयोग के लिए तैयार है।
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समुद्री सुरक्षा पर भारत का जोर

साथ ही जी7 की एक अन्य बैठक में समुद्री सुरक्षा और समृद्धि पर चर्चा करते हुए जयशंकर ने कहा कि भारत महासागर दृष्टिकोण और इंडो-पैसिफिक सहयोग के तहत समुद्री क्षेत्र में सक्रिय भूमिका निभा रहा है। उन्होंने भरोसेमंद व विविध समुद्री मार्गों की जरूरत, महत्वपूर्ण समुद्री और अंडरसी इंफ्रास्ट्रक्चर की सुरक्षा और समुद्री अपराधों, जैसे चोरी, तस्करी और अवैध मछली पकड़ने के खिलाफ बेहतर वैश्विक तालमेल की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि भारत समुद्री क्षेत्र में फर्स्ट रिस्पॉन्डर के रूप में उभर रहा है और इंडो-पैसिफिक में राहत-बचाव अभियानों के लिए देशों के साथ साझेदारी बढ़ा रहा है।
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भारत की सक्रिय वैश्विक भूमिका
गौरतलब है कि भारत, ब्राजील, ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण कोरिया जैसे देशों के साथ इस जी7 बैठक में शामिल हो रहा है। विदेश मंत्रालय के अनुसार ऐसे में जी7 में जयशंकर की भागीदारी यह दर्शाती है कि भारत वैश्विक साझेदारों के साथ मिलकर काम करने और ग्लोबल साउथ की आवाज को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है।

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