चीन के सबसे अमीर व्यक्ति और ई-कॉमर्स कंपनी अलीबाबा के संस्थापक व चेयरमैन जैक मा मंगलवार को अपने 55वें जन्मदिवस पर रिटायरमेंट की घोषणा कर सकते हैं। इस दौरान वे कंपनी की बागडोर नई पीढ़ी को सौंपने के बारे भी जानकारी देंगे। पेशे से अंग्रेजी के अध्यापक रहे जैक की 60 हजार डॉलर में बनाई कंपनी आज 421 अरब डॉलर की हो चुकी है।
यह माना जा रहा है कि वे भविष्य में कंपनी की बागडोर सीईओ डेनियल जेंग और सह संस्थापक व वाइस-चेयरमैन जोसफ साइ के हाथ में सौंप सकते हैं। वहीं जैक पूर्व में अपनी रिटायरमेंट को लेकर कह चुके हैं कि वे बिल गेट्स से प्रभावित हैं और उन्हीं की तरह रिटायर होना चाहते हैं। दूसरी ओर बड़ी कंपनियों के नेतृत्व बदलने पर कंपनी के शेयर की कीमतों पर असर होता है, लेकिन अलीबाबा के मामले में ऐसा नहीं हुआ है। इसकी वजह उनके द्वारा कंपनी को दी गई ऊंचाई और पहचान है। उन्हें चीन की अर्थव्यवस्था, ऑनलाइन कारोबार और इंटरनेट में योगदान के लिए जाना जाता है। रिटयरमेंट के बाद वे न केवल खुद शिक्षण कार्य करेंगे, बल्कि अपनी संपत्ति में से 41 अरब डॉलर का दान भी शिक्षण संस्थानों को करेंगे।
66 हजार स्थायी कर्मचारी
जैक ने 1999 में चीनी सप्लायरों को विदेशी थोक कारोबारियों से जोड़ने के लिए अलीबाबा कंपनी बनाई थी। इसे 18 लोगों के साथ हांगजोऊ शहर में एक अपार्टमेंट में 60 हजार डॉलर की पूंजी से शुरू किया था। कंपनी ने रिटेल कंपनियों को सामान बेचने से आगे बढ़कर वित्तीय सेवाओं और ई-कॉमर्स में नए कीर्तिमान रचे। बीस वर्ष में स्थायी कर्मचारियों की संख्या 66 हजार के करीब पहुंच गई।
सप्लायरों के लिए बनाई थी कंपनी आज 7.5 करोड़ उपभोक्ता
इसके जरिए चीन में बड़ी संख्या में उपभोक्ताओं को भी जोड़ा गया, आज हर महीने करीब 7.5 करोड़ लोग अलीबाबा पर खरीदारी करते हैं।